बर्थडे स्‍पेशल: शाहरुख ने तंगहाली में गुजारा बचपन, फेंक दिए गए थे रोड पर…

बर्थडे स्‍पेशल: शाहरुख ने तंगहाली में गुजारा बचपन, फेंक दिए गए थे रोड पर…

नई दिल्ली। बॉलीवुड के किंग खान यानि शाहरुख खान का आज बर्थडे है। शाहरुख आज 51 साल के हो गए हैं। दो नवंबर, 1965 को एक निम्न मध्यम वर्गीय मुस्लिम परिवार में जन्मे शाहरुख देखते ही देखते बॉलीवुड के किंग खान बन गए। उस वक्त खुद शाहरुख ने भी कभी सपने में नहीं सोचा होगा कि वो बड़े होकर एक दिन हिंदी फिल्म इंडस्ट्री पर राज करेंगे। आज उस शाहरुख के पास रुतबा, शोहरत और साथ में बेशुमार पैसा भी है। मगर शाहरुख से बॉलीवुड का किंग खान बनना उनके लिए आसान नहीं था।

तंगहाली में गुजारा बचपन

वो कहते हैं ना, कुछ लोग जो भी मिलता है उसे अपना नसीब मान लेते हैं, मगर कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो अपना नसीब खुद बनाते हैं। शाहरुख भी ऐसे लोगों में ही शुमार हैं। जिंदगी में तमाम मुश्किलें आईं, मगर शाहरुख ने कभी हिम्मत नहीं हारी। उनकी तंगहाल जिंदगी की एक झलक इस वाकये से आपको बखूबी मिल जाएगी, जिसका जिक्र खुद शाहरुख ने किया था। चलिए उन्हीं की जुबां में आपको बताते हैं। बकौल शाहरुख, ‘एक बार मेरे पिता मुझे दिल्ली में एक सिनेमा दिखाने ले गए। मगर उनके पास ज्यादा पैसे नहीं थे। हम कमानी ऑडिटोरियम के पास बैठ गए और उन्होंने मुझसे कहा कि गुजरती गाड़ियां को देखना कितना अद्भुत लगता है।’ इस वाकये का जिक्र करते हुए शाहरुख ने कहा था, ‘अगर मैं अपने बेटे को कोई फिल्म दिखाने ले जाना चाहता हूं तो मुझे उसे फिल्म दिखाने में सक्षम होना चाहिए ना कि कारें।’

खुद बनाया अपना नसीब

खैर, ये सिर्फ एक नहीं बल्कि उनकी जिंदगी के कई ऐसे वाकये हैं, जिन्होंने शाहरुख को गरीबी से जूझने की हिम्मत दी और पिता की मौत के बाद कम उम्र में जिम्मेदारियों के एहसास ने भी उन्हें मजबूती से आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। इस मौत से पूरा परिवार उनका सदमे में आ गया। इसके बाद वो दिल्ली से मुंबई आ गए और फिर उन्होंने धीरे-धीरे ही सही, एक के बाद एक जो सफलता की सीढि़यां चढ़नी शुरू कीं, फिर कभी पीछे मुड़कर देखने की नौबत नहीं आई।

इससे डरते हैं शाहरुख

एक मौके पर शाहरुख ने करीब 800 छात्रों के सामने बहुत ही र्इमानदारी स्वीकार किया था कि वो गरीब नहीं होना चाहते थे। बकौल शाहरुख, ‘मैं वास्तव में असफलताओं से डरता हूं। निम्न मध्यम वर्गीय परिवार से होने की वजह से मैंने कई असफलताएं देखी हैं। मेरी जिंदगी के एक संकटकाल में मैं सड़क पर फेंक दिया, क्योंकि हम किराया नहीं चुका सके।’ उन्होंने कहा कि गरीबी से डर लगता है, तनाव महसूस होता है और कभी-कभी अवसाद ग्रस्त भी हो जाता है। इन सारी बातों ने उन्हें अपनी जिंदगी में क्षमता से अधिक कोशिश करने के लिए प्रेरित किया और नतीजा आप सभी के सामने है।

50 रुपये थी शाहरुख की पहली कमाई

वैसे ये सब जानने के बावजूद शायद ही आप इस बात पर यकीन करें कि शाहरुख की पहली कमाई मात्र 50 रुपये थी। आज शाहरुख की गिनती अरबपति लोगों में होती है। पिछले साल शाहरुख की कुल संपत्ति के दम पर उन्हें दुनिया का दूसरा सबसे अमीर एक्टर घोषित किया गया। शाहरुख जब मुंबई आए थे तो उनकी जेब में मात्र 1,500 रुपये थे। एक्टर-प्रोड्यूसर विवेक वासवानी को उनके मेंटर के तौर पर जाना जाता है। संघर्ष के दिनों में शाहरुख के पास मुंबई में रहने को घर नहीं था तो विवेक ने उन्हें जगह दी थी। हालांकि विवेक के मुताबिक, उन्होंने भी शाहरुख को घर से निकालने की पूरी कोशिश की थी, मगर नाकाम रहे। खैर, उन्होंने ही बाद में फिल्म इंडस्ट्री के लोगों से शाहरुख की मुलाकात करवाने और फिर उन्हें यश चोपड़ा कैंप में एंट्री दिलाने में मदद की।

पहली फिल्म के लिए मिले सिर्फ 25 हजार रुपये

शाहरुख ने 50 रुपये की अपनी पहली कमाई दिल्ली में आयोजित पंकज उदास के एक कंसर्ट में काम कर कमाई थी और जब उन्होंने बतौर एक्टर फिल्म ‘कभी हां कभी ना’ को साइन किया था तो उन्होंने यह पूरी फिल्म सिर्फ 25 हजार रुपये के लिए की थी। यहां तक कि यह भी कहा जाता है कि इस फिल्म की रिलीज के पहले दिन शाहरुख ने मुंबई के एक सिनेमाघर में इसकी टिकटें भी बेची थीं। मगर ‘दीवाना’ के रिलीज होते ही उनकी दुनिया बदल गई और फिर उन्होंने पूरी दुनिया को ही दिवाना बना दिया।

आज क्या नहीं है शाहरुख के पास

आज शाहरुख टीवी, फिल्मों, विज्ञापन के साथ प्रोडक्शन के फील्ड में भी तेजी से सक्रिय हैं। इसके अलावा शाहरुख की अपनी एक आईपीएल क्रिकेट टीम कोलकाता नाईट राइडर्स भी है। शाहरुख की महंगी संपत्तियों में उनका मुंबई स्थित घर मन्नत और दुबई में सिग्नेचर विला भी शामिल हैं। इनके अलावा दिल्ली और लंदन में भी उनके लग्जरी घर हैं। शाहरुख के पास रॉल्स-रॉयस, बीएमडब्ल्यू, लैंड क्रूजर जैसे महंगे ब्रांड की गाड़ियां भी हैं। वैसे वो दिल खोलकर चैरिटी भी करते हैं।

Courtesy: Jagran.com

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