GST: महंगा हो सकता है आपका मोबाइल बिल, कंपनियों ने दिया सिगनल

GST: महंगा हो सकता है आपका मोबाइल बिल, कंपनियों ने दिया सिगनल

कोलकाता
4 स्लैब वाले जीएसटी के लागू होने से आपके मोबाइल फोन का बिल महंगा हो सकता है। मोबाइल फोन कंपनियों ने जीएसटी के तहत टेलिकॉम सर्विसेज पर टैक्स रेट बढ़ाने पर चिंता जताई है। कंपनियों का कहना है कि टेलिकॉम सर्विसेज पर टैक्स रेट्स ज्यादा होने से टेलिकम्युनिकेशन यूजर्स के लिए महंगा हो जाएगा। उनका कहना है कि इससे सरकार के डिजिटल इंडिया मिशन को भी धक्का लगेगा और वित्तीय संकट से जूझ रही टेलिकॉम इंडस्ट्री के लिए बड़ा झटका होगा।

सरकार ने गुरुवार को चार स्लैब वाले जीएसटी स्ट्रक्चर की घोषणा की, जिसमें टैक्स रेट्स 5%,, 12%, 18% और 28% है। किस सेगमेंट पर कौन सी दर लागू होगी, इसके बारे में अभी घोषणा नहीं की गई है। टेलिकॉम इंडस्ट्री के एग्जिक्युटिव्स का अनुमान है कि टेलिकॉम सर्विसेज पर 18 फीसदी टैक्स लगेगा, जिस पर मौजूदा टैक्स की दर 15 फीसदी है। उनका मानना है कि 18 फीसदी टैक्स लगने की संभावना इसलिए ज्यादा है कि सरकार अगर इस सेक्टर से 12 फीसदी टैक्स वसूलती है तो सरकार की आमदनी में गिरावट आएगी, जो सरकार नहीं चाहेगी।

मोबाइल कंपनियां चाहती हैं कि टेलिकॉम सर्विसेज पर टैक्स रेट कम हो क्योंकि यह आवश्यक सेवा है। सेलुलर ऑपरेटर्स असोसिएशन ऑफ इंडिया के राजन मैथ्यूज ने बताया, ‘आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम, 1968 (एस्मा) के तहत टेलिकॉम एक आवश्यक सेवा है। इसलिए इस पर भी अन्य जरूरी उत्पाद और सेवाओं के बराबर ही टैक्स लगना चाहिए। यानी जिस तरह से अन्य जरूरी उत्पाद और सेवाओं पर 15 फीसदी से कम टैक्स का प्रस्ताव है, उसी तरह से टेलिकॉम सर्विसेज पर भी यही रेट लागू होना चाहिए।’

उन्होंने बताया कि जीएसटी रेट ज्यादा होने से आम आदमी को नुकसान होगा और इस अहम इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की ग्रोथ बाधित होगी। मैथ्यूज ने बताया, ‘इससे टेलिकॉम सर्विसेज की कॉस्ट बढ़ जाएगी जिसका बोझ ग्राहकों पर पड़ेगा।’

अगर टेलिकॉम सर्विसेज पर 18 फीसदी जीएसटी रेट लगाई जाती है तो ग्राहकों के मासिक सेलफोन बिल में 3 फीसदी बढ़ोतरी हो जाएगी। इसका मतलब यह हुआ कि जो ग्राहक अभी 1,000 रुपये का बिल भर रहे हैं, उनको नए टैक्स रेट लागू होने के बाद 30 रुपये ज्यादा यानी 1,030 रुपये बिल भरना होगा।

Courtesy: NBT

Categories: Finance