एंटनी के प्रस्ताव पर मनमोहन की मुहर, फिर एक सुर में राहुल का समर्थन; Q&A में समझें मायने

एंटनी के प्रस्ताव पर मनमोहन की मुहर, फिर एक सुर में राहुल का समर्थन; Q&A में समझें मायने

नई दिल्ली. सोमवार को वर्किंग कमेटी की मीटिंग में सबसे पहले पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी ने कहा कि अब वक्त आ गया है, राहुल गांधी को कांग्रेस का नेतृत्व संभाल लेना चाहिए। इस प्रस्ताव का पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन ने समर्थन किया। इसके बाद तो बैठक में मौजूद गुलाम नबी आजाद, मोतीलाल वोरा, अहमद पटेल, दिग्विजय सिंह, अंबिका सोनी, लोकसभा में पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे नेताओं ने एक स्वर से राहुल से जिम्मेदारी संभालने का निवेदन कर दिया। बता दें कि सोनिया गांधी बीमारी के कारण मीटिंग में शामिल नहीं हो पाईं। सवाल-जवाब में समझें इसके मायने…

सवालः वर्किंग कमेटी की सिफारिश अहम क्यों?
तीन वजहों से। पहली- 130 साल में पहली बार वर्किंग कमेटी की ओर से प्रस्ताव पास करना। (राहुल का कांग्रेस प्रेसिडेंट बनना तय, पार्टी ने दिए 3 संकेत; CWC मीटिंग में पार्टी नेताओं से कहा- मन में संदेह हो तो प्लीज अभी बताएं-
दूसरी- उस प्रस्ताव को सोनिया को भेजना।
और तीसरी- पार्टी और राहुल गांधी का इस प्रस्ताव को अब तक खारिज नहीं करना।

सवालः पर संगठन चुनाव टालने की बात क्यों?
इसमें नया कुछ नहीं है। पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने साफ किया है कि संगठन चुनावों का पार्टी के प्रधान पद से कोई लेना-देना नहीं है।
पार्टी तय प्रॉसेस के तहत अध्यक्ष के नाम का एलान कभी भी कर सकती है।

सवालः तो नाम का एलान कब हो सकता है?
इसे लेकर भी तीन संभावनाएं हैं।
पहली- 19 नवंबर को इंदिरा गांधी के जन्मदिन के दिन ऐसा हो। इसी दिन कांग्रेस समिति का सम्मेलन भी है।
दूसरी- यूपी चुनाव के ठीक पहले किया जाए, जिससे चुनाव में फायदा हो।
तीसरी- राहुल पार्टी में चुनाव के पक्षधर रहे हैं, इसलिए फरवरी में राज्यों के चुनाव के बाद वो संगठन चुनाव के जरिए कमान संभालें, ताकि पार्टी ने इन राज्यों खराब प्रदर्शन किया तो दोष राहुल पर नहीं आए।

सवालः आखिर संगठन चुनाव अभी क्यों टाले?
अगले साल यूपी और पंजाब समेत पांच राज्यों में चुनाव होने हैं। पार्टी अभी इन चुनावों की तैयारियों में लगी है।
अभी सांगठनिक चुनाव हुए तो राज्यों में होने वाले चुनाव की तैयारियों में कोताही होगी।
साथ ही, पार्टी को कुछ नेताओं की नाराजगी का भी डर है।

Courtesy: Bhaskar.com

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