शेयर मार्केट में ट्रंप की आंधी और नोट बैन से 15 मिनट में 6 लाख करोड़ का नुकसान

शेयर मार्केट में ट्रंप की आंधी और नोट बैन से 15 मिनट में 6 लाख करोड़ का नुकसान

नई दिल्ली
बुधवार को शेयर मार्केट के खुलने से पहले जोखिम की उम्मीद सबको थी। भारत सरकार द्वारा नोट बैन और अमेरिका के चुनावों में जीत के करीब पहुंच चुके ट्रंप की खबर के बीच जब बाजार खुले तो गिरावट तय थी। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के डेटा के अनुसार ग्लोबल स्टॉक मार्केट में खलबली से घरेलू निवेशकों को 15 मिनटों के अंदर 6 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो गया।

पहले 15 मिनटों में BSE का मार्केट कैपिटलाइजेशन 57,3827 करोड़ रुपए गिर कर 1.11 लाख करोड़ से 1.05 लाख करोड़ पर आ गया। मार्केट में कोहराम का हाल यह था कि 2000 स्टॉक्स में से 1875 स्टॉक्स लाल निशान पर ट्रेडिंग कर रहे थे और केवल 85 स्टॉक्स ही ग्रीन पर ट्रेडिंग कर रहे थे।

 काला धन केंसर की तरह है और केंसर का इलाज कीमोथेरेपी है. इस इलाज में मरीज को कष्ट सहना पड़ता है. मोदी ने काले धन के केंसर का इलाज शुरु कर दिया है, कुछ दिनों तक कुछ कष्ट तो होगा परंतु जिन लोगो ने नोटों को सूटकेसों में भर कर रख रखा हैं, उन्हे अब इसे सामने लाना होगा. मोदी ने काले धन पर सबसे बड़ा प्रहार …
सेंसेक्स 1600 अंकों की गिरावट के साथ खुला जो 25 अगस्त के बाद सबसे बड़ी गिरावट थी। हालांकि बाजार के हालात धीरे-धीरे सुधरे। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के मेंबर रमेश दामिनी ने कहा, ‘मार्केट गिरेगा इसका अंदाजा पहले से था। नोट बैन और ट्रंप की बढ़त इसका कारण है।’ सेंसेक्स अब 26,649 अंकों पर और निफ्टी 8237 पर कारोबार कर रहा है।
Courtesy: NBT
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