सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को नोटबंदी पर लताड़ा, कहा- नोटबंदी सर्जिकल स्ट्राइक नहीं, अंधाधुंध बमबारी है

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को नोटबंदी पर लताड़ा, कहा- नोटबंदी सर्जिकल स्ट्राइक नहीं, अंधाधुंध बमबारी है

सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. मंगलवार को सरकार के इस फैसले पर रोक लगाने को लेकर दायर की गईं जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अदालत ने यह बात कही है. एक याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि सरकार का यह फैसला काले धन के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक नहीं है बल्कि आम आदमी के खिलाफ है. सरकार के इस फैसले से आम लोगों की जिंदगी रुक गई है. उनका यह भी कहना था कि उतराखंड, उत्तर-पूर्वी राज्यों और बस्तर जैसे इलाकों में लोग बुरी तरह प्रभावित हैं जहां 30-30 किलोमीटर तक बैंक या एटीएम नहीं हैं.

वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि केंद्र ने यह फैसला लागू करने में नियमों का पालन भी नहीं किया क्योंकि आरबीआई एक्ट के सेक्शन 26 ( 2) के तहत ऐसा करने से पहले कानून पास करना जरूरी होता है. उनके मुताबिक इससे पहले ऐसा दो बार हुआ है लेकिन, तब सरकार ने कानून बनाकर नोटबंदी को लागू किया था.

ये दलीलें सुनने के बाद चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर ने कहा कि वे जानते हैं कि इससे लोगों को परेशानी हो रही है और यह फैसला सर्जिकल स्ट्राइक जैसा न प्रतीत होकर अंधाधुंध बमबारी (कार्पेट बॉम्बिंग) करने जैसा है, लेकिन कोर्ट सरकार की आर्थिक नीति में दखल नहीं देगा. हालांकि, शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार से लोगों की असुविधाओं को दूर करने के लिए किए जा रहे इंतजामों को लेकर हलफनामा दाखिल करने को कहा है. उसने यह भी पूछा है कि सरकार पैसे निकालने की सीमा (विदड्राल लिमिट) क्यों नहीं बढ़ा रही जिसकी वजह से सबसे ज्यादा समस्या पैदा हो रही है. इस मामले की अगली सुनवाई 25 नवंबर को होगी.

Courtesy: Scroll

 

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