लौट आइए माल्या जी, प्रधानसेवक की मार्मिक चिट्ठी

लौट आइए माल्या जी, प्रधानसेवक की मार्मिक चिट्ठी

नई दिल्ली। भारतीय स्टेट बैंक ने सरकार द्वारा भगोड़ा घोषित विजय माल्या सहित 63 कर्जदारों का तकरीबन सात हजार करोड़ रुपए का बकाया लोन डूबा हुआ मान लिया है। डीएनए की रिपोर्ट के अनुसार, बकाया वसूल नहीं कर पाने पर शीर्ष 100 विलफुट डिफाल्टरों में से 63 पर 7016 करोड़ रुपए का लोन माफ करने का फैसला किया है।

63 डिफाल्टरों की ये राशि कुल 100 डिफाल्टरों का 80 फीसदी है। यह छूट बैंक की प्रक्रिया बैड लोन के अंतर्गत की गई है। सभी कंपनियों को बैंक ने विलफुल डिफॉल्टर घोषित कर दिया। ऐसे में लोग इस कर्जमाफी को लेकर सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त कर रहे हैं। रवि प्रकाश ने माल्या के नाम प्रधानसेवक के हवाले से मार्मिक पत्र ही लिख दिया। पढ़िए…..

प्रिय माल्या जी

सादर,

हमें इस बात का खेद है कि हमारी नाफरमानी के कारण आपको मातृभूमि छोडकर आंग्लदेश में मछुवारों सा जीवन जीना पड़ा ! आपकी मेहनत की गाढ़ी कमाई, जो हरामखोरों ने अपने घरों में दबा रखी थी ! सब पाई-पाई हमने वसूल ली है, लाइन में खड़ा कर दिया है एक-एक को ! 33 तो रोकड़ा दबाए रह गए और लाइन में खड़े-खड़े ही मर गए, हम उस धन को जरुर प्राप्त कर लेंगें आयकर विभाग की सक्रियता देखते ही बनती है ! आप हमारे इस प्रयास से थोड़ा प्रसन्न तो होंगे ही ! हाँ मैं मानता हूँ जितना कष्ट आपको हुआ है उसके मुकाबले यह कुछ भी नहीं है ! फिर भी आप वापस आ जाइये इन्द्रलोक सूना है, नर्तकियाँ कोहबर में हैं, किंगफिशर पक्षीयों ने दाना-पानी त्याग दिया है ! गौरैयों को हमने उनकी सेवा-सुश्रुप्सा में लगा रखा है, आप उनकी चिंता न करें बस, आप वापस आ जाएँ ! जो भी कर्ज (इस शब्द के लिए विशेष तौर पर माफ़ी) आप पर था वह माफ (इसके लिए भी विशेष तौर पर) कर दिया गया है ! इसके साथ ही आपको यह सूचित करते हुए गर्व हो रहा है कि इस अवमूल्यन से हमें अच्छी खासी अतिरिक्त आय हुई है जिससे भविष्य में हम आपका खयाल रख सकेंगें ! आप वापस आ जाइये ! इन्द्रलोक सुना है !

आपका प्रिय
प्रधानसेवक

Courtesy: National Dastak

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