बरेली के ‘शाहजहां’ ने बेगम की मुहब्बत में बनाया ‘ताजमहल’

बरेली के ‘शाहजहां’ ने बेगम की मुहब्बत में बनाया ‘ताजमहल’

बरेली ताजनगरी आगरा में मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी बीबी मुमताज बेगम की याद में ताजमहल बनवाया था। जिससे दुनिया उनकी मुहब्बत को याद करती रहे। इसके इतर बरेली में भी एक ताजमहल बनाया गया है।

आगरा का ताजमहल बनने की बात सदियों पुरानी है लेकिन बरेली के मीरगंजके चुरई दलपतपुर गांव निवासी राजमिस्त्री पुत्तन ने भी अपनी पत्नी के लिए मकबरा बनाने का निर्णय लिया और कई वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद अपने प्यार की निशानी को खड़ा किया है। क्षेत्र के लोग इस मकबरे को छोटा ताजमहल भी कहने लगे हैं।

सूरमे की नगरी बरेली के 90 वर्षीय पुत्तनशाह के चार बेटे और दो बेटियां हैं। बताया कि वह पत्नी हमीदन अल्वी की याद में मुहब्बत की निशानी बनाना चाहते थे। 12 वर्ष की मेहनत के बाद मकबरा बनकर तैयार हुआ। इंतकाल के बाद पत्नी हमीदन को मकबरा में बनी कब्र में दफना दिया और उनकी कब्र के बगल में अपनी कब्र भी बना रखी है। साथ ही बेटों से कह रखा कि उनकी मौत के बाद उन्हें भी पास में बनी कब्र में दफन करें।

दो मंजिला मकबरा में ग्राउंड फ्लोर पर पुत्तनशाह और पत्नी हमीदन की दो कब्र बनी हैं। पहली मंजिल पर मदरसा और इसके साथ एक लाइब्रेरी है, जिसमें सभी धर्म की पुस्तक, उनका उर्दू अनुवाद रखा है। इसमें रामायण, गीता, कुरान और आर्यसमाज की पुस्तक सत्य कथा भी उर्दू अनुवाद में मौजूद है। लाइब्रेरी में करीब 300 से ज्यादा पुस्तक हैं।

Courtesy: Jagran.com

Categories: Regional

Related Articles