नोटबंदी: जैसलमेर में भूखे मर रहे हैं पाकिस्तान से आए प्रवासी हिंदू

नोटबंदी: जैसलमेर में भूखे मर रहे हैं पाकिस्तान से आए प्रवासी हिंदू

जैसलमेर

शहर में रहने वाले हिंदू प्रवासी जो पाकिस्तान से यहां आए हैं उन पर भी नोटबंदी का गहरा असर पड़ा है। पैसों की किल्लत की वजह से इनमें से ज्यादातर लोगों के सामने भूखे मरने की नौबत आ गई है।

इन प्रवासियों ने मजदूरी का काम कर 500-1000 के नोट कमाए थे। लेकिन इन पुराने नोटों को बदलवाना अब उनके लिए बेहद मुश्किल हो गया है क्योंकि इनके पास बैंक में दिखाने के लिए ऐसे कोई दस्तावेज नहीं हैं जो यह साबित करें कि ये लोग भारतीय नागरिक हैं। हाथ में नकद राशि नहीं है और कोई इनकी मदद भी नहीं कर रहा। इस वजह से इन लोगों के सामने भूखे मरने की नौबत आ गई है।

एक तरफ जहां देशभर में लोग अपने रुपये जमा करवाने और बदलवाने के लिए बैंकों के बाहर लंबी लाइन में खड़े हैं। वहीं, इन पाकिस्तानी हिंदूओं को मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। उनके पास खाना खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं। इन लोगों ने कड़ी मेहनत कर जो भी पैसा कमाया था वो सब 500-1000 के पुराने नोट में है जिस वजह से उनके सारे पैसे अब बेकार हो चुके हैं।

पाकिस्तान से आए हिंदू प्रवासी राज बहादुर और किशन चंद कहते हैं, ‘500-1000 के नोट बंद होने के बाद कुछ दिनों तक तो राशन दुकानदारों ने इन्हें खाने की सामग्री उधार में दी लेकिन अब दुकानदारों ने भी उधार देना बंद कर दिया है। मौजूदा स्थिति की वजह से इन लोगों को महाजनों और साहूकारों से कर्ज लेना पड़ रहा है।’

रुकमो भी ऐसी ही एक प्रवासी हैं। पिछले कई दिनों से इन्हें भी खाने पीने की चीजों के लिए किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। रुकमो कहती हैं, ‘हम बेहद मुश्किल परिस्थिति में दिन गुजार रहे हैं। हमारे पास ना ही आईडी कार्ड है और ना ही बैंक में खाता। स्थानीय लोग भी हमारी कोई मदद नहीं कर रहे।’

Courtesy: NBT

Categories: India

Related Articles