पीएम मोदी की मौजूदगी के बावजूद लोकसभा में विपक्ष का भारी हंगामा, कार्यवाही गुरुवार तक के लिए स्थगित

पीएम मोदी की मौजूदगी के बावजूद लोकसभा में विपक्ष का भारी हंगामा, कार्यवाही गुरुवार तक के लिए स्थगित

नई दिल्ली
संसद के शीतकालीन सत्र के छठवें दिन बुधवार को लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी के बावजूद, नोटबंदी के मुद्दे पर दोनों सदनों में भारी हंगामा हुआ। बुधवार सुबह संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने विपक्ष के संयुक्त धरने में ही यह साफ हो गया था कि विपक्ष अपनी मांगों पर डटा हुआ है। जैसे ही दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष ने हंगामा करना शुरू कर दिया। लोकसभा में मौजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुपचाप बैठे सब सुनते रहे। भारी हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही को गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इस बीच विपक्षी दलों ने 28 नवंबर को नोटबंदी के खिलाफ देशभर में ‘आक्रोश दिवस’ मनाने का ऐलान किया है।

लोकसभा में विपक्ष नोटबंदी के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव के तहत चर्चा की मांग को लेकर हंगामा किया। हंगामे के दौरान सदन में मौजूद प्रधानमंत्री मोदी चुपचाप बैठे रहे। वहीं विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि हंगामा करना विपक्ष की आदत बन गई है। केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने सरकार की तरफ से फिर दोहराया कि वह चर्चा करने को तैयार है, पर विपक्ष स्थगन प्रस्ताव के तहत चर्चा की मांग पर अड़ा रहा। हंगामा शांत न होते देख स्पीकर सुमित्रा महाजन ने सदन की कार्यवाही को गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दिया।

वहीं राज्य सभा को भारी हंगामे के चलते 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने राज्य सभा के उप सभापति पी जे कुरियन से मांग करते हुए कहा कि पीएम मोदी को सदन में बुलाया जाए। लगातार हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही को 2 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।

विपक्ष पर बरसे वेंकैया
विपक्ष के अड़ियल रवैये की आलोचना करते हुए संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा, ‘आज प्रधानमंत्री के लोकसभा में मौजूद रहने के बावजूद, विपक्ष सदन को काम करने क्यों नहीं दे रहा है? हंगामा करना विपक्ष की आदत हो गई है।’ वेंकैया ने प्रधानमंत्री मोदी को गरीबों का मसीहा बताया। उन्होंने कहा, ‘गरीब लोग चाहते हैं कि नोटबंदी सफल हो, वे लोग प्रधानमंत्री को मसीहा की तरह देखते हैं। विपक्ष पब्लिक के मूड की अनदेखी कर रहा है।’

मायावती ने पूछा, घबरा क्यों रहे हैं मोदी?
बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने कहा कि पीएम मोदी सदन के बाहर बयान दे रहे हैं, यह सदन का अपमान है। पीएम मोदी को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। सदन के बाहर भी मायावती ने प्रधानमंत्री की गैर मौजूदगी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, ‘मैं पूछना चाहती हूं पीएम से कि अगर उन्होंने अच्छा काम किया है, तो वह घबरा क्यों रहे हैं।’ बीएसपी अध्यक्ष ने राष्ट्रपति से भी मामले दखल देने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘मैं राष्ट्रपति से निवेदन करती हूं कि वह पीएम को बुलाएं और लोगों को नोटबंदी से हो रही समस्याओं को दूर करने को कहें।’

राहुल बोले, हमें बोलने नहीं दिया जा रहा
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि स्पीकर चर्चा कराने से इनकार कर रही हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा, ‘सवाल यह नहीं है कि पीएम यहां बैठते हैं कि नहीं, सवाल यह है कि क्या हमें बोलने की इजाजत होगी? हमें नही बोलने दिया जा रहा। कांग्रेस स्थगन प्रस्ताव के तहत चर्चा चाहती है, सवाल यह है कि हमें बोलने दिया जाएगा या नहीं?’

जंतर-मंतर पर ममता का प्रदर्शन
संसद में चल रहे हंगामे से अलग, पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी राजधानी में फिर नोटबंदी के खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं। उनके साथ जेडीयू नेता शरद यादव, आम आदमी पार्टी और कुछ अन्य दलों के नेता भी मौजूद हैं। इसके पहले नोटबंदी के खिलाफ ममता ने राष्ट्रपति भवन तक मार्च करने के अलावा दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल से साथ रैली भी की थी।

Courtesy: NBT

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