नोटबंदी: जानें राज्यसभा में मनमोहन सिंह की तरफ से कहीं गई दस बड़ी बातें

नोटबंदी: जानें राज्यसभा में मनमोहन सिंह की तरफ से कहीं गई दस बड़ी बातें

नई दिल्ली: नोटबंदी के मुद्दे पर पिछले सात दिनों से संसद के दोनों सदनों में हंगामा जारी है. इस बीच आज पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नोटबंदी को लेकर राज्यसभा में भाषण दिया. इस दौरान सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे. यहां जानें नोटबंदी पर क्या बोले मनमोहन सिंह.

  1. ‘नोटबंदी के फैसले पर नहीं, लागू करने पर सवाल हैं’

भाषण की शुरूआत करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि हमें नोटबंदी के फैसले से कोई परेशानी नहीं है. बल्कि इसको जिस तरह से लागू किया गया है उसपर सवाल हैं. उन्होंने कहा कि इस फैसले को अव्यवस्थित तरीके से लागू किया गया है.

  1. ’60 से 65 लोगों की जान गई’

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने कहा कि नोटबंदी के फैसले को लागू किए जाने के बाद से अबतक देश में करीब 60 से 65 लोगों की जान जा चुकी है. उन्होंने कहा कि इस फैसले से आम लोगों को परेशानी हुई है.

  1. ‘दो फीसदी तक गिर सकती है विकास दर’

मनमोहन सिंह ने कहा कि इस फैसले के बाद से देश में कारोबार ठप हो गया है जिसका असर देश की विकास दर पर पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि फैसले से दो फीसदी तक विकास दर गिर सकती है.

  1. ‘किसानों और छोटे उद्योगों को भारी नुकसान’

मनमोहन सिंह ने कहा कि नोटबंदी से कृषि क्षेत्र, छोटे उद्योगों और असंगठित क्षेत्र में काम करने वालों को काफी नुकसान होगा.

  1. ‘हर दिन नए नियम बनाना सही नहीं’

मनमोहन ने सरकार की तरफ से हर दिन नए नियम बनाए जाने पर भी सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा है कि हर दिन नए नियम बनाना सही नहीं है. पूर्व पीएम ने ये भी कहा कि इससे ये साफ होता है कि इसे लागू करने में पीएमओ, वित्त मंत्रालय और आरबीआई पूरी तरह नाकाम रहे हैं.

  1. ‘गरीब और कमज़ोर लोगों के लिए 50 दिन पीड़ादायक’

हम भ्रष्टाचार से मुकाबला करने के उद्देश्य को लेकर असहमत नहीं हैं, लेकिन जिस तरह यह फैसला लागू किया गया है वह व्यवस्था की असफलता है. उन्होंने कहा कि ये साफ नहीं है इससे फायदे क्या होंगे. उन्होंने कहा, “मैं पूरी जिम्मेदारी से कह सकता हूं कि हम नहीं जानते कि इससे क्या फायदे होंगे. जो लोग गरीब और कमज़ोर हैं उसके लिए ये 50 दिन काफी भारी पड़ेंगे.”

  1. ‘किस देश में होता है- पैसे जमा करें, निकालने की इजाजत नहीं’

मनमोहन सिंह ने मोदी से सवाल किया कि वे बताएं कि किस देश में ऐसा होता है जहां लोग पैसे जमा करें और उन्हें निकालने की इजाजत न दी जाए.

  1. ‘जनता का करेंसी सिस्टम पर से भरोसा उठा’

मनमोहन सिंह ने कहा, ”इससे फैसले से क्या हुआ है ? हमने आम लोगों का बैंकिंग सिस्टम और करेंसी सिस्टम पर भरोसा कम किया है. यही इस फैसले की निंदा के लिए काफी हैं.”

  1. रिजर्व बैंक की आलोचना हो रही है’

मनमोहन सिंह ने कहा कि मुझे बहुत खेद है कि भारतीय रिजर्व बैंक की इस फैसले के बाद से आलोचना हो रही है. लेकिन यह जायज है.

  1. ‘लोग अपने पैसे नहीं निकाल पा रहे हैं’

मनमोहन सिंह ने कहा कि इस फैसले से लोग अपने ही पैसे बैंक से नहीं निकाल पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि प्रधानमंत्री जल्द से जल्द लोगों की परेशानियों को हल करें.

Courtesy: ABPNews

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