‘एटीएम में पैसे नहीं, बिगबाजार वालों को कौन दे रहा है नोट?’

‘एटीएम में पैसे नहीं, बिगबाजार वालों को कौन दे रहा है नोट?’

नई दिल्ली। 8 नवंबर तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 500 और 1000 रुपए के नोट बंद करने के ऐलान के बाद देश में तूफान मचा हुआ है। जहां एक तरफ लोग बैंकों में घंटों लाइन लगाने को मजबूर हैं वहीं बीजेपी के नेता इसे कालाधन पर सर्जिकल स्ट्राइक करार दे रहे हैं। नोटबंदी के बाद से ही पीएम मोदी विपक्षी पार्टियों के निशाने पर चल रहे हैं। अब बिग बाजार द्वारा लोगों को डेबिट कार्ड से 2000 रुपये तक की राशि दिए जाने के मामले में विपक्षी पार्टियों ने पीएम मोदी पर निशाना साधा है।

 

बिग बाजार द्वारा लोगों को डिबेट कार्ड से 2000 रुपये तक की राशि दिए जाने के मामले में अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर पीएम मोदी पर निशाना साधा है। अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा है- ‘पहले रिलायंस, ‌फिर पेटीएम और अब बिग बाजार… आखिर क्या डील हुई है मोदी जी?’

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नोटबंदी के मसले पर इससे पहले केजरीवाल ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पेटीएम पर भी सवाल खड़े चुके हैं। केजरीवाल ने नोटबंदी के ऐलान के अगले दिन Paytm द्वारा अखबारों को दिए गए विज्ञापन पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने अखबारों में नोटों को बंद करने के संबंध में पेटीएम द्वारा दिए गए विज्ञापन पर आरोप लगाया था कि सरकार के इस कदम का सबसे अधिक फायदा कंपनी को हुआ है। इसलिए उसने विज्ञापन में मोदी की तस्वीर लगाई है।

एक अन्य ट्वीट में केजरीवाल ने कहा है- ‘अब साफ़ हो गया है कि नोटबंदी जनता का पैसा बंकों में जमा कराके उससे अरबपतियों का लोन माफ़ करने की स्कीम है।’

वहीं लेफ्ट नेता सीताराम येचुरी ने भी इस मुद्दे पर सरकार के कदम पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने भी अपने ट्वीट में कहा कि यह सब क्या हो रहा है? क्या इस प्राइवेट कंपनी को आरबीआई ने बैंकिंग का लाइसेंस दिया है? केवल इस प्राइवेट कंपनी को ही क्यों?

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Courtesy: National Dastak

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