नोटबंदी: ऐपल के आए मजे, 3 दिन में बेचे 1 लाख आईफोन

नोटबंदी: ऐपल के आए मजे, 3 दिन में बेचे 1 लाख आईफोन

कोलकाता
नोटबंदी के तुरंत बाद काला धन खपाने के लिए गोल्ड की बड़ी मात्रा में खरीदारी की गई थी। लेकिन क्या आप जानते हैं 8 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोटों को बंद करने की घोषणा करने के बाद गोल्ड के अलावा किसकी बिक्री में अचानक बड़ी तेजी आई थी? आईफोन की बिक्री में। ट्रेड अनुमानों के अनुसार, नोटबंदी के तुरंत बाद के तीन दिनों में एक लाख से अधिक आईफोन बेचे गए, जो इनकी एक महीने में होने वाली बिक्री का तीन-चौथाई है।

बहुत से लोगों के लिए बंद हो चुके करंसी नोटों से आईफोन खरीदना एक सुरक्षित दांव था और सेलर्स ने भी पिछली तारीख के बिल बनाकर बिजनस में अचानक आई इस तेजी का पूरा ‌फायदा उठाया। दिवाली के बाद महंगे स्मार्टफोन की सेल्स में कमी आती है और ऐसे में नोटबंदी के फैसले से अचानक बिक्री बढ़ना दुकानदारों के लिए फायदे का सौदा रहा। अब पिछली तारीख के बिलों के जरिए बिक्री बंद हो गई है, लेकिन रिटेलर्स का कहना है कि मार्केट में आईफोन की बिक्री में बढ़ोतरी जारी है और इसकी वजह डीमॉनेटाइजेशन के चलते ग्रे मार्केट में कारोबार ठप होना है।

दिल्ली में एक सेलफोन स्टोर के मालिक ने बताया, ‘अधिकतर दुकानों में आईफोन का स्टॉक नहीं है। नोटबंदी की घोषणा वाले दिन ही बहुत से स्टोर्स में आधी रात तक आईफोन बिके थे। कुछ स्टोर्स में इन्हें प्रीमियम पर भी बेचा गया।’ इसके नतीजे में, ऐपल नवंबर में अपना सेल्स टारगेट पूरा करने वाली एकमात्र स्मार्टफोन मेकर रही। ऐपल की सेल्स 20-30 पर्सेंट बढ़ी है। दूसरी ओर, नोटबंदी के कारण सेलफोन मार्केट पर बुरा असर पड़ा है और सेल्स में पिछले वर्ष के मुकाबले 35-50 पर्सेंट की गिरावट दर्ज की गई है।

दक्षिण भारत की सेलफोन रिटेल चेन संगीता मोबाइल्स के मैनेजिंग डायरेक्टर सुभाष चंद्रा ने कहा, ‘नोटबंदी की वजह से आईफोन का बिजनस एक जैकपॉट जैसा रहा क्योंकि बहुत से स्टोर्स ने पुराने नोट्स लेकर इनकी बिक्री की थी। भारतीयों के बीच अभी भी आईफोन काफी पसंद किया जाता है क्योंकि यह एक महंगा हैंडसेट है और लोग खुद के लिए और गिफ्ट में देने के लिए इसकी कई यूनिट्स खरीद रहे हैं।’

हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने बताया कि उनके जैसे बड़े रिटेलर्स ने नोटबंदी की घोषणा के बाद पुराने नोट लेना बंद कर दिया था और इस वजह से उनकी सेल्स भी गिरी है। नोटबंदी के शुरुआती कुछ दिनों के बाद बड़े रिटेलर्स और चेन्स के लिए भी आईफोन की डिमांड बढ़ी थी क्योंकि ग्रे मार्केट गायब हो गया था और कंज्यूमर फाइनैंस आसानी से उपलब्ध होने के साथ ही स्टोर्स पर क्रेडिट कार्ड और डिजिटल पेमेंट के जरिए बिक्री की जा रही थी।

हांगकांग की काउंटरप्वाइंट टेक्नोलॉजी मार्केट रिसर्च के सीनियर एनालिस्ट तरुण पाठक का मानना है कि नोटबंदी की वजह से भारत का स्मार्टफोन मार्केट अक्टूबर-दिसंबर क्वॉर्टर में 10 पर्सेंट घटेगा, लेकिन ऐपल इंडिया 10 लाख आईफोन बेचने का अपना टारगेट हासिल कर लेगी।

Courtesy: NBT

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