नोटबंदी के असर की सरकारी रिपोर्ट, गांवों में हालात बिगड़े

नोटबंदी के असर की सरकारी रिपोर्ट, गांवों में हालात बिगड़े

नई दिल्ली
सरकार ने नोटबंदी के वास्तविक असर का पता लगाने के लिए 81 ब्यूरोक्रेट्स को राज्यों में भेजा था। इन ब्यूरोक्रेट्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि नोटबंदी से ग्रामीण इलाकों में रोजगार घटा है और बुआई के सीजन में किसानों पर नकारात्मक असर पड़ा है।

इस स्टडी के लिए ब्यूरोक्रेट्स को टीमों में बांटा गया था और हर टीम में तीन ब्यूरोक्रेट शामिल थे। इन टीमों में से प्रत्येक की अगुवाई एक अडिशनल सेक्रेटरी ने की थी। इन टीमों की ओर से दी गई रिपोर्ट की जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने ईटी को बताया कि सरकार अब इनकी रिपोर्ट पर विचार कर आगे की कार्रवाई की योजना बना रही है।

अधिकारियों ने कहा कि अधिकांश रिपोर्ट्स में कहा गया है कि मुख्य समस्या नकदी की कमी की नहीं, बल्कि छोटे डिनॉमिनेशन के नोटों की कम उपलब्धता की है। बहुत सी रिपोर्ट में ग्रामीण क्षेत्रों में तुरंत छोटे डिनॉमिनेशन के नोट भेजने, डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव बैंकों के लिए नॉर्म्स में छूट देने और कैशलेस ट्रांजैक्शंस के लिए प्रचार तेज करने के सुझाव दिए गए हैं।

किस राज्य का क्या हाल

कर्नाटक
राज्य में नोटबंदी को लेकर आम प्रतिक्रिया बेहतर है, लेकिन टीम ने पाया कि लोग करंसी को हड़बड़ी में निकाल रहे हैं। राज्य में नए करंसी नोटों की भारी कमी है। टीम का मानना है कि अगर इस महीने के अंत तक स्थिति सुधाने के लिए कदम नहीं उठाए गए तो विशेषतौर पर सैलरीड क्लास की दिक्कतें बढ़ सकती हैं। टीम का मानना है कि राज्य में कोऑपरेटिव बैंकों के काम न करने से किसानों पर बुरा असर पड़ा है। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि ग्रामीण इलाकों में दबाव को कम करने के लिए कोऑपरेटिव बैंकों को रेग्युलर बैंकों की तरह माना जाए।

तमिलनाडु
राज्य में कम डिनॉमिनेशन के नोटों की कमी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जमीनी स्तर पर स्थिति खराब है, लेकिन अगर सिस्टम में पर्याप्त नकदी पहुंचाई जाती है तो हालात बेहतर हो सकते हैं। तमिलनाडु में भी शहरी इलाकों के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति अधिक खराब है।

उत्तराखंड
टीम ने नोटबंदी के बाद राज्य में कोई बड़ा असर नहीं नहीं पाया क्योंकि अन्य राज्यों के मुकाबले उत्तराखंड में कैश की जरूरतें कम हैं। हालांकि, राज्य के ऊधमसिंह नगर जैसे मैदानी इलाकों में स्थिति ठीक नहीं है क्योंकि खेती पर बुरा असर पड़ा है।

मध्य प्रदेश
टीम ने राज्य के शहरी इलाकों में नोटबंदी से मुश्किलें होने की बात कही है। टीम ने पाया कि मध्य प्रदेश में कैश की कमी की समस्या बरकरार है और बैंकों को भी लोगों की लंबी कतारों की वजह से दबाव का सामना करना पड़ रहा है।

झारखंड और छत्तीसगढ़
बीजेपी के शासन वाले दोनों राज्यों में नोटबंदी को लेकर जनता की प्रतिक्रिया सकारात्मक है, लेकिन बिहार में केंद्र के इस फैसले को लेकर लोग नाराज हैं।

 

Courtesy: NBT

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