सांसदों से हिसाब मांगना भाजपा की नई नाटकबाजी

सांसदों से हिसाब मांगना भाजपा की नई नाटकबाजी

लखनऊ  नोटबंदी को लेकर केंद्र सरकार पर लगातार हमलावर बसपा प्रमुख मायावती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर फिर निशाना साधा। भाजपा के विधायकों व सांसदों से अपने बैंक खातों का हिसाब मांगने को नई नाटकबाजी करार देते हुए उन्होंने गत एक वर्ष का हिसाब देने की मांग की। आरोप लगाया कि नोटबंदी से पहले भाजपा नेताओं ने काला धन ठिकाने लगा दिया था इसलिए पूरा हिसाब किताब सार्वजनिक किया जाना चाहिए। प्रेस को बयान में मायावती ने आरोप लगाया कि पिछले 21 दिनों से नोटबंदी के कारण हालात सामान्य नहीं हो पा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही आदर्शवादी बनने की कोशिश करें लेकिन उनके चरित्र, चाल और चेहरे पर पर्दा नहीं डाला जा सकता है। केंद्र सरकार के अपरिपक्व फैसले से जनता बेहद परेशान है जिसके चलते भाजपाइयों में बेचैनी बढऩे लगी है और जनता का ध्यान बांटों अभियान छेड़ दिया है। प्रधानमंत्री द्वारा अपने विधायकों व सांसदों से गत आठ नवंबर के बाद से 31 दिसंबर तक बैंक खातों में लेनदेन का हिसाब मांगना भी ध्यान बांटो अभियान में नई नाटकबाजी है। इससे प्रदेश की जनता को सावधान रहना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और उनके नेताओं ने नोटबंदी से पहले देशभर में अकूत संपत्ति खरीद करके काला धन ठिकाने लगा दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इतने ईमानदार है तो अपने विधायकों व सांसदों से एक वर्ष का हिसाब मांगे और उसे सार्वजनिक करें। नोटबंदी के दुष्परिणाम बढऩे से घबरा कर भाजपा अब इधर उधर की बातें नहीं करें।

टैक्स लेना था तो देश को लाइन में क्यों लगाया

मायावती ने केंद्र सरकार की नयी आयकर व्यवस्था पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि जब काला धन को सफेद बनाने के लिए टैक्स बढ़ाना ही था तो पूरे देश को लाइन में लगाने की क्या जरूरत थी? बैंकों और एटीएम केबाहर कतारें कम नहीं हुई हैं। जनता अपना पैसा निकालने को परेशान है और पुलिस की लाठियां भी झेल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अब जनता की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन पूंजीपतियों व धन्ना सेठों की हमदर्द भाजपा के कारनामों पर पर्दा न डालने दिया जाएगा।

Courtesy: Jagran.com

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