बार-बार आर्मी कैंप को क्यों निशाना बना रहे हैं आतंकी? एक्सपर्ट बता रहे ये वजहें

बार-बार आर्मी कैंप को क्यों निशाना बना रहे हैं आतंकी? एक्सपर्ट बता रहे ये वजहें

नई दिल्‍ली। पहले उरी फिर माछिल, नगरोटा और चमलियान का आतंकवादी हमला। खास बात यह है कि ये सभी हमले एक जैसी रणनीति के तहत ही किए गए हैं। क्‍या वजह है कि आतंकवादी एक के बाद एक हमला कर रहे हैं और वो भी एक जैसी रणनीति पर ही। इस बारे में न्‍यूज18 इंडिया डॉटकॉम ने रक्षा विशेषज्ञों से बात कर जानी वो वजह जिसके चलते आतंकवादी अब सीमा और सड़क पर हमले छोड़ सेना के ठिकानों को निशाना बना रहे हैं।

मेजर जनरल सेवानिवृत वाई बहल बताते हैं कि जमीनी स्‍तर की कुछ वजह हैं ही जो आतंकवादी बार-बार ऐसे हमले कर रहे हैं। जल्‍द ही ऐसे कारणों में सुधार लाना होगा, वर्ना तो आतंकवादी इन कमजोरियों का फायदा उठाते रहेंगे। एयर वाइस मार्शल सेवानिवृत कपिल काक कहते हैं कि यह बात सही है कि हमले के पीछे के कारणों में बहुत सारी चीजें हैं, और यह भी सही है कि सभी को दूर नहीं किया जा सकता है। लेकिन उसमें कुछ परिवर्तन कर खतरे को कम तो किया जा सही सकता है, जो निहायत ही जरूरी है।

मेजर जनरल सेवानिवृत वाई बहल ने हमलों का कारण बताते हुए इन पहलुओं पर ध्‍यान आकर्षित किया-

इंटेलीजेंस अलर्ट की अनदेखी – कई बार देखा गया है कि हमें हमले के बाद पता चलता है कि इंटेलीजेंस अलर्ट मिला था। नगरोटा के मामले में भी ऐसा ही हुआ है।

लश्‍कर-ए-तैयबा का लोकल नेटवर्क- लश्‍कर-ए-तैयबा के आतंकवादी पकड़े जाने और इंटेलीजेंस से भी पता चलता है कि लश्‍कर का लोकल नेवटर्क बहुत मजबूत है, जिसे तोड़ना होगा।

आधुनिक सर्विलांस डिवाइस की कमी- आधुनिक सर्विलांस डिवाइस के मामले में सेना पीछे है। जबकि अर्धसैनिक बलों को आधुनिक डिवाइस दे दी गई हैं।

एयर वाइस मार्शल सेवानिवृत कपिल काक ने भी सुरक्षा को लेकर कुछ बिंदुओं की ओर ध्यान खींचा-

अनुभव- बीएसएफ में आने वाले ज्‍यादातर अधिकारी राज्‍य पुलिस से आ रहे हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में काम करने का उनका अनुभव न के बराबर होता है।

भौगोलिक क्षेत्र की बनावट- -घाटियों में हर जगह कहीं न कहीं नाला और छोटे दरिया होते हैं। जिसके चलते पूरे क्षेत्र की निगरानी करना बेहद मुश्‍किल होता है।

आतंकवादियों की रणनीति- आतंकवादियों के दिमाग में जिहाद जैसी बातें भर दी जाती हैं। उसके बाद वो इस तरह से हमले करते हैं कि उन्‍हें तो अब मरना ही है और मरकर जन्‍नत हासिल करनी है। इसलिए वे कुछ भी कर गुजरने को तैयार रहते हैं।

Courtesy: News18

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