पाक की संसद में बहस: गैस पाइपलाइन में कम प्रेशर से धीमे जल रहे चूल्हे, खाना बनने में देरी से देश में बढ़ रहे तलाक के मामले

पाक की संसद में बहस: गैस पाइपलाइन में कम प्रेशर से धीमे जल रहे चूल्हे, खाना बनने में देरी से देश में बढ़ रहे तलाक के मामले

इस्लामाबाद. पाकिस्तान में रसोई गैस की किल्लत से पारिवारिक रिश्तों में दरार पड़ रही है। गैस पाइपलाइन में प्रेशर कम होने से चूल्हे सही से जल नहीं रहे हैं। इससे पत्नियां पतियों और बच्चों को समय पर खाना नहीं दे पा रही हैं। खाने को लेकर पहले पति-पत्नी में झगड़ा होता है और फिर गुस्से में वे एक-दूसरे को तलाक बोल देते हैं। देश में बढ़े तलाक के मामले…

दरअसल, कई शहरों में काफी दिनों से लोगों के घरों में गैस सप्लाई बहुत कम हो रही है।
पाक की संसद में इसे लेकर बहस हो रही है। जबकि लोग प्रदर्शन पर उतारू हैं।
संसद में बहस की शुरुआत जमीयत-उलेमा-इस्लाम-फजल की नेता नईमा किश्वर खान ने की।
उन्होंने कहा- “गैस की किल्लत से लोगों की रसोई में खाना नहीं बन पा रहा है। रिश्ते टूट रहे हैं। परिवार बर्बाद हो रहे हैं। सरकार को यह समस्या जल्द दूर करनी चाहिए।”

बच्चों पर पड़ रहा बुरा असर
पीएमएल-एन-एमएनए की नेता ताहिरा औरंगजेब ने कहा, “रसोई में चूल्हा धीमे जलने से लोगों के रिश्ते जल रहे हैं।”
“बीवियां बच्चों और शौहर को वक्त पर खाना नहीं दे पा रही हैं। शौहर ड्युटी से लौटते हैं तो खाना नहीं मिलने पर बीवियों से तू-तू, मैं-मैं करते हैं।”
“वे नाराजगी में बीवियों को तलाक भी बोल रहे हैं। इसका बच्चों पर बुरा असर पड़ रहा है।”
“बीते कुछ दिनों में दर्ज हुए तलाक के ज्यादातर मामले गैस की किल्लत से जुड़े हैं। युवा पीढ़ी अवसादग्रस्त हो रही है। सरकार देश को किस रास्ते पर ले जा रही है?”

सरकार ने कहा- हमें भी चिंता है
जवाब देते हुए पेट्रोलियम और नैचुरल रिसोर्स मिनिस्टर शाहिद खाकन अब्बासी ने कहा, “सरकार लोगों की दिक्कतों को लेकर संजीदा है।”

“हम ईरान-पाकिस्तान पाइपलाइन पर काम कर रहे हैं। लेकिन यह तब तक मुमकिन नहीं है, जब तक इंटरनेशनल कम्युनिटी की इजाजत नहीं मिल जाती है। हमने कई राज्यों में गैस प्रोडक्शन में इजाफा किया है।”

जगह-जगह हो रहे प्रदर्शन
रसोई गैस की किल्लत पर पाकिस्तान के कई शहरों में महिलाएं सड़कों पर चौका-बेलन और गैस चूल्हे लेकर प्रदर्शन कर रही हैं।
उनका कहना है कि रसोई गैस की किल्लत से परिवार टूट रहे हैं। सप्लाई कम आने से खाना बनाने में कई घंटे लग रहे हैं।
बच्चों का दूध तक गर्म नहीं हो पाता। ऐसा लग रहा है जैसे हम आदिमानव समाज में जी रहे हों।

कोर्ट में 1 दिन में 100 से ज्यादा तलाक के मामलेे आ रहे
पिछले एक दशक में पाकिस्तान में तलाक के मामले काफी बढ़ गए हैं।
अकेले लाहौर शहर के फैमिली कोर्ट में एक दिन में 100 से ज्यादा तलाक के मामले आ रहे हैं।
तलाक के मामले अपर क्लास के अलावा लोअर और मिडल क्लास परिवारों में भी बढ़े हैं।
सिर्फ मेट्रोपॉलिटन शहरों में पिछले एक दशक में करीब तीन लाख तलाक के मामले दर्ज हुए हैं।
लॉ एक्सपर्ट्स का कहना है कि बीते वक्त में आए तलाक के ज्यादातर मामले घरेलू हिंसा से जुड़े हुए हैं।

Courtesy: Bhaskar.com

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