नकदी न मिलने पर हंगामा, मारपीट, जाम, नारेबाजी, तोडफ़ोड़ और पथराव

लखनऊ नोटबंदी के 22 दिन बाद भी बैंक-एटीएम में पैसा न होने से उत्तर प्रदेश में हालात बेकाबू होने लगे हैं। सुबह से लाइन में लगने के बाद मायूस लौटने वालों लोगों का धैर्य टूटने लगा है। नकदी संकट से प्रदेश में कई स्थानों पर हंगामा, जाम, पथराव, मारपीट, तोड़फोड़ में कई लोग घायल हुए। पुलिस ने भी अपनाबल दिखाकर सब कुछ काबू किया। अब माहौल बिगडऩे लगा है। बैककर्मियों पर मनमानी के आरोप लगा हैं।

मारपीट, जाम और नारेबाजी

मध्य यूपी व बुंदेलखंड में शादी-विवाह वाले घरों में करेंसी की कमी परिजनों को और परेशान कर रही है। कानपुर, कानपुर देहात, महोबा, चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर, उरई, उन्नाव, कन्नौज, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, औरैया, इटावा तथा हरदोई में एटीएम भी शोपीस बने रहे। कानपुर में अधिकांश बैंक जीरो बैलेंस पर रहे। बर्रा में ग्राहकों ने एक होमगार्ड को पीट दिया। राजधानी लखनऊ में भी वेतन व पेंशन आने के बाद भी लोगों को जरूरत भर का पैसा नहीं मिल पा रहा है। सुलतानपुर के लम्भुआ में ग्रामीण बैंक प्रबंधन पर मनमानी का आरोप मढ़ते हुए मार्ग जामकर प्रदर्शन किया गया। बाराबंकी, सिद्धौर ब्लॉक के बीबीपुर निंदूरा, तिलोकपुर में हंगामा हुआ। बलरामपुर में उतरौला के पेहर बाजार में पीएनबी पर हंगामा हुआ। गोंडा में इलाहाबाद बैंक की आर्यनगर शाखा में लोगों ने गोंडा-बहराइच मार्ग जाम कर दिया। जाम में कमिश्नर देवीपाटन मंडल सुधीर कुमार दीक्षित भी फंस गए। बहराइच के नवाबगंज में इलाहाबाद बैंक पर प्रदर्शन कर नारेबाजी की गई। इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की नरसिंहडीहा, असवा, बेगमपुर की शाखाओं में कैश न होने पर लोगों ने सड़क जाम कर नारेबाजी की। सीतापुर में एसबीआइ की अटरिया शाखा में उपभोक्ताओं ने हंगामा किया। फैजाबाद, अंबेडकरनगर, रायबरेली, अमेठी, सीतापुर, लखीमपुर व श्रावस्ती में गांव से लेकर शहर तक करेंसी का संकट बरकरार है। उपभोक्ता का आरोप है कि विशेष ग्राहकों के लिए देर शाम बैंक खोलकर मोटी रकम का भुगतान किया जा रहा है।

कैश की कमी को लेकर प्रदर्शन

गोरखपुर-बस्ती मंडल के अधिकांश बैंकों में बुधवार को कैश न होने की सूचना लगा दी गई है, इससे कई स्थानों पर हंगामा हुआ। कुशीनगर जनपद में तुर्कपट्टी पूर्वांचल ग्रामीण बैंक, देवरिया के पथरदेवा पीएनबी, महराजगंज में श्यामदेउरवा की एसबीआई व संतकबीर नगर में सेमरियांवा में ग्राहकों ने रास्ता जाम कर हंगामा किया।इलाहाबाद में बैंक ऑफ बड़ौदा व पीएनबी में भी नकदी खत्म हो गई। लोगों का धैर्य अब टूटने लगा है।

प्रतापगढ़ जिले में एसबीआई, बैंक आफ बड़ौदा में भी कैश समाप्त हो गया। एटीएम में भी ताला बंद रहने से उपभोक्ताओं को बैंक से निराश होकर वापस लौटना पड़ा। आरएम जितेंद्र कुमार ने 25 करोड़ रुपये की डिमांड आरबीआइ से की है। कौशांबी में कई बैंकों की शाखाओं में हंगामा हुआ। सरायअकिल के पुरखास में ग्रामीणों ने ताला लगा लिया। देवीगंज में उप्र बड़ौदा ग्रामीण बैंक की शाखा में हंगामे की नौबत रही। कुछ जगहों पर मारपीट जैसी भी हालत बनी।वाराणसी जिले के 39 बैंकों की 456 शाखाओं में कैश की कमी बनी हुई है। एटीएम को भी भरने में दिक्कत हो रही है। नकदी संकट को लेकर ग्रामीण वर्कर यूनियन ने प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय को ज्ञापन दिया। गाजीपुर में महाराजगंज में यूबीआइ में लोगों ने तालाबंदी कर वाराणसी गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया जिससे वाहनों का परिचालन ठप हो गया। मरदह में भी बैंक में तालाबंदी से पहले बैंक कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया। इसके बाद धरना दिया। भीमापार में काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक में पिछले एक सप्ताह से कैश नहीं है। गुस्साए लोगों ने बैंक का ताला ही नहीं खुलने दिया। वहीं सोनभद्र के कोन में भी एक बैंक में बवाल के बाद पुलिस से फोर्स की मांग की गई।

एसबीआइ की कुछ शाखाओं में ही कैश

पश्चिम उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एटीएम खाली रहे। नकदी की कमी के चलते सिर्फ एसबीआई की कुछ शाखाओं में ही कैश मिल सका। सम्भल, रामपुर में हालात ठीक नहीं थे। चन्दौसी में एटीएम के साथ ही बैंकों में दोपहर बाद ताले लटके रहे। अमरोहा में यूनियन बैंक व सिंडीकेट बैंक के बाहर जाम लगा। गजरौला, हसनपुर व मंडी धनौरा में भी लोगों ने हंगामा किया। आगरा में नुनिहाई में कतार में लगे लोगों पर पुलिस ने लाठियां भांजी। जैसे-तैसे माहौल शांत हुआ। बोदला में केनरा बैंक पर भी हंगामा हुआ। मथुरा में कैश की कमी रही। केआर मार्ग स्थित ङ्क्षसडिकेट बैंक पर लोगों ने हंगामा किया। मैनपुरी में भी कैश की किल्लत रही। मेरठ में कई बैंकों में हंगामा और मारपीट तक हुई। जैदी सोसायटी स्थित सिंडिकेट बैंक पर सुबह 11 बजे नो-कैश का नोटिस चस्पा होते ही भीड़ उग्र हो गई। प्रधानमंत्री का पुतला फूंककर नारेबाजी भी की गई। राहगीरों से मारपीट के साथ एंबुलेंस में तोडफ़ोड़ की। बैंककर्मियों को बनाया बंधक लिया और पथराव किया। पथराव में सीओ समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने लाठियां फटकारकर भीड़ को दौड़ाया। बाद में पांच सौ से ज्यादा लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। कई जगह जाम भी लगा।

बिजनौर में पीएनबी मंडावली में ग्रामीणों ने ताला डाल दिया। जलीलपुर में पीएनबी में उपभोक्ता भिड़ गए। मुजफ्फरनगर में बैंकों में कैश नहीं था। सहारनपुर में बैंक आफ इंडिया की शाखा पर ग्र्राहकों ने हंगामा कर जाम लगाया। तोडफ़ोड़ की। गार्ड को पीटकर घायल कर दिया। बुलंदशहर, बागपत और शामली में भी कमोवेश यही हालात रहे।अलीगढ़ में कई जगहों पर जाम लगाया गया। आक्रोशित ग्राहकों ने पीएम के खिलाफ नारेबाजी की। लाल डिग्गी मार्ग स्थिति बैंक ऑफ बड़ौदा के सामने केंद्र सरकार का पुतला फूंकने की कोशिश की, जिससे ग्राहकों की पुलिस से झड़प हो गई।बरेली में नोटबंदी के बाद महीने के आखिरी दिन शहर में कई बैंकों के पास लोगों को बांटने के लिए रकम ही नहीं थी। एसबीआइ, बीओबी के ही एटीएम खुले, जिसमें लंबी लाइनें लगी रही। वही, पुराने नोट जमा करने का आंकड़ा भी तेजी से नीचे गिर गया। एक दिन में करीब 40 करोड़ रुपये ही बैंकों में जमा होने का अनुमान लगाया गया है।

Courtesy: Jagran.com

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