इंटरनेट बैंकिंग: RBI ने हल की आॅनलाइन ट्रांजैक्शन की यह ‘मुश्किल’

इंटरनेट बैंकिंग: RBI ने हल की आॅनलाइन ट्रांजैक्शन की यह ‘मुश्किल’

मुंबई
रिजर्व बैंक ने 2 हजार रुपये तक के आॅनलाइन ट्रांजैक्शन के लिए नियमों में ढील दी है। केंद्रीय बैंक ने ट्रांजैक्शन पर लेन-देन के लिए हर बार अनिवार्य कार्ड का ब्योरा देने की जरूरत को खत्म कर दिया है। आरबीआई ने आॅनलाइन ट्रांजैक्शन के लिए जरूरी सत्यापन प्रक्रिया(जिसमें एकबारगी ओटीपी यानी वन टाइम पासवर्ड भी डालना होता है) के एक स्टेप को खत्म करने के लिए समाधान निकाला है।

एटीएम कार्ड जारी करने वाला बैंक अपने ग्राहकों के लिए अब वैकल्पिक तौर पर कार्ड नेटवर्क के पेमेंट वैरीफिकेशन सलूशन की पेशकश करेगा। अगर आप इस सुविधा का विकल्प चुनते हैं तो आपको एक बार रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके बार रजिस्टर्ड ग्राहकों को हर लेन-देन पर कार्ड का ब्योरा देने की जरूरत नहीं होगी। ऐसा माना जा रहा है कि ट्रांजैक्शन के दौरान कम होने वाले इस एक कदम से यूजर को सहूलियत भी होगी और उसका समय भी बचेगा।

अभी ओला, उबर, मेरू आदि कैब सर्विस कंपनियों को पेमेंट करने के लिए होने वाले सत्यापन में ओटीपी डालना होता है। इसके लिए यूजर को मोबाइल पर ओटीपी आने तक का इंतजार करना होता है। लेकिन अगर यूजर अब कार्ड प्रोवाइडर बैंक के भुगतान सत्यापन समाधान का विकल्प चुनता है तो उसे भविष्य में ओटीपी डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वह सिर्फ अपने कार्ड का पासवर्ड एंटर करेगा और उसका पेमेंट हो जाएगा।

उबर इंडिया के प्रेजिडेंट अमित जैन ने आरबीआई के इस कदम की सराहना की और कहा कि भारत के डिजिटल इकॉनमी बनने में यह अहम कदम साबित होने वाला है। वहीं दूसरी तरफ एसबीआई के एमडी और सीईओ विजय जसूजा ने भी इस लो वैल्यू ट्रांजैक्शन को लेकर उठाए गए इस कदम को जरूरी बताया। मंगलवार को आरबीआई ने सर्कुलर जारी करते हुए अपने इस नए कदम की जानकारी दी।

अब तक डिजिटल ट्रांजैक्शन में तीन स्टेप होते थे। पहले स्टेप में खरीदारी करने वाले को मर्चेंट वेबसाइट के डीटेल एंटर करने होते थे। इसके बाद बैंक वेबसाइट पर स्विच हो जाते थे। वहां से सत्यापन पूरा होने के बाद टेलिकॉम कंपनी के सर्वर पर पहुंचते थे और वहां से मैसेज के माध्यम से एक ओटीपी जेनरेट होता था, जिसे एंटर करने पर सत्यापन फाइनल हो पाता था।

पेटीएम के फाउंडर और सीईओ विजय शेखर शर्मा की मानें तो आरबीआई का यह कदम कार्ड पेमेंट में तेजी लाने के लिए बेहतर है। इससे कन्ज्यूमर को आसानी होगी और वह अक्सर अपने कार्ड का आॅनलाइन ट्रांजैक्शन में इस्तेमाल कर सकेगा।

Courtesy: NBT

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