साउथ कोरिया: प्रेसिडेंट के खिलाफ करप्शन के मामले में महाभियोग प्रस्ताव पास, छोड़ना पड़ सकता है पद

साउथ कोरिया: प्रेसिडेंट के खिलाफ करप्शन के मामले में महाभियोग प्रस्ताव पास, छोड़ना पड़ सकता है पद

सियोल.साउथ कोरिया की प्रेसिडेंट पार्क गुन हे के खिलाफ संसद में महाभियोग चलाने का प्रस्ताव पास कर दिया गया है। इसके बाद अब अगर इस प्रस्ताव को संवैधानिक अदालत से भी मंजूरी मिल जाती है, तो गुन हे को प्रेसिंडेट का पद छोड़ना होगा। गुन हे और उनके करीबियों पर करीब 500 करोड़ रुपये के करप्शन चार्जेस हैं। इसके चलते उनका प्रशासन ठप पड़ गया है और एक महीने से भी ज्यादा समय से उनके खिलाफ देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं।कॉन्स्टिट्यूशन कोर्ट के फैसले पर नजर

– नेशनल एसेंबली में महाभियोग चलाने के प्रस्ताव के सपोर्ट में 234 वोट पड़े, जबकि विरोध में महज 56 वोट मिले।
– आखिरी मंजूरी के लिए ये प्रस्ताव अब कॉन्स्टिट्यूशन कोर्ट (संवैधानिक अदालत) के पास जाएगा।
– प्रस्ताव को कोर्ट से मंजूरी मिलने पर प्रेसिडेंट को अपना पद छोड़ना पड़ेगा और प्रेसिडेंट के अधिकार पीएम को ट्रांसफर कर दिए जाएंगे।

– पद पर रहते हुए संविधान के मुताबिक उन पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता था, लेकिन उनके पद से हटते ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जा सकता है।
– गुन हे पर अपनी करीबी चोई सून-सिल के साथ कंपनियों को धमकाने और ठेके लेने का आरोप है।
– गुन हे और उनके करीबियों पर करीब 500 करोड़ रुपये के करप्शन चार्जेस हैं।
– उनकी साथी सून-सिल पर सैमसंग तथा ह्युंदई समेत 51 कंपनियों से 400 करोड़ रुपये से ज्यादा की चंदा वसूली का आरोप है।
– सून-सिल पर बिजनेस घरानों को धमका कर 81 करोड़ से ज्यादा के ठेके लेने के भी आरोप हैं।
– जांचकर्ता ली योंग-रेयोल ने कहा, “इन लोगों ने कंपनियों पर दबाव बना कर फंड जमा किया। इन मामलों में गुन हे सह-आरोपी हैं।’

Courtesy: Bhaskar

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