बरेली में अपराधी संजय कालिया ने सिपाही को गोली मारी, गंभीर

बरेली में अपराधी संजय कालिया ने सिपाही को गोली मारी, गंभीर

बरेली समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने दो दिन पहले ही बरेली में प्रदेश में खराब कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए थे और एक ही दिन बाद अपराधियों ने खाकी पर हमला बोल दिया। बरेली में कल देर रात तीन अपराधियों ने एक सिपाही को गोली मार दी। गोली लगने के बाद से बेहोश सिपाही की हालत गंभीर बनी है।

मुझे संजय कालिया और राम ने गोली मार दी, एक लड़का साथ में और था..। इतना कहने के बाद क्राइम ब्रांच का सिपाही रविंद्र बेहोश हो गया। देर रात सुभाषनगर थाना पुलिस ने दबिश दे दी तो पता चला कि संजय कालिया ब्याज का काम करता है। वारदात उसके अंदर होना बताया जा रहा है। स्टेट बैंक की ब्रांच के पास ही उसका मकान है। वारदात के बाद वह फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार क्राइम ब्रांच का सिपाही अकेला रात में सुभाषनगर क्यों गया, अभी इस सवाल का जवाब भी तलाशना है। यदि दबिश पर जाता तो उसके साथ पूरी टीम होनी चाहिए थी। सिपाही के होश में आने के बाद ही पता चल सकेगा कि वह सुभाषनगर क्यों पहुंचा था। घायल सिपाही रविंद्र को मिशन अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

अस्पताल लाने वाले पर बनाते रहे दबाव

सुभाषनगर इंस्पेक्टर अतुल प्रधान घायल सिपाही को अस्पताल लाने वाले योगेश त्यागी पर दबाव बनाते रहे। योगेश उन्हें समझाते रहे कि उन्होंने सबसे पहले घायल को आटो से सरन अस्पताल पहुंचाया, जबकि इंस्पेक्टर अड़े हुए थे कि तुमने पहले सूचना क्यों नहीं दी। घटना के वक्त तीन लड़कों की उपस्थिति मौके पर बताई जा रही है। इंस्पेक्टर योगेश से उन लड़कों के बारे में भी पूछताछ करते रहे।

पिस्टम बरामद हुई

मौके से एक पिस्टल बरामद हुई है। यह पिस्टल किसकी है इस बाबत जांच चल रही है। पुलिस के अधिकारी भी इस मामले पर सीधी बात करने से कतराते रहे।

डॉक्टर के अनुसार अंदर गोली नहीं

देर रात डॉक्टरों ने अंदर गोली नहीं मिलने की पुष्टि की। बताया जा रहा है कि संजय कालिया ने चाकू से हमला किया था। फायरिंग की आवाज होने के बाद सिपाही खुद को गोली मारने की बात कहता रहा। कहा यह भी जा रहा है कि संजय के घर में ही दोनों के बीच विवाद हुआ था।

सपा सुप्रीमो भी खराब कानून व्यवस्था से परेशान

बरेली के इस्लामिया ग्राउंड से एक दिन पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने सूबे की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाये थे। दूसरे ही दिन क्राइम ब्रांच के सिपाही को गोली मार दी जाती है। यह कोई पहली घटना नहीं जब किसी पुलिस वाले पर जानलेवा हमला हुआ हो। रुहेलखंड में सबसे ज्यादा पुलिस पर हमला पशु तस्कर करते हैं। सितंबर 2015 में पदारथपुर में दारोगा मनोज मिश्र को पशु तस्करों ने गोली मार दी थी। उनकी शहादत के बाद सूबे में हंगामा हो गया था। बेहतर रणनीति की कमी मुद्दा बनी, पशु तस्करों पर अभियान चला, लेकिन मीरगंज में पुलिस पार्टी को पशु तस्करों ने फिर कुचलने का प्रयास करके चुनौती दे दी।

बदायूं के बिलारी गांव में जब पुलिस एक गांव में डीजे बंद कराने पहुंची तो गांव के बदमाशों ने फावड़ा से हमला कर दिया। सिपाही को फावड़ा से हत्या कर दी। बीती दीवाली में जुआरियों पर कार्रवाई के बाद नकटिया नदी में दो लोगों के डूबने के बाद सटोरियों ने पब्लिक के साथ मिलकर कैंट थाना फूंक दिया था। 2013 में कैंट की बभिया चौकी पर तात्कालीन थाना प्रभारी अख्तर सज्जाद के साथ दबिश देने गए सिपाही अनिरुद्ध की बदमाशों की गोली से मौत हुई थी। पूरनपुर में एचसीपी की गोली मारकर हत्या हुई थी। अफीम तस्करों के निशाने पर एसओजी का एक सिपाही पहले भी आ चुका है। अफीम तस्करों की गोली से सिपाही घायल हुआ था।

Courtesy: Jagran.com

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