आगामी उत्तर प्रदेश चुनावों में उठाना पड़ेगा भाजपा को नुकसान

आगामी उत्तर प्रदेश चुनावों में उठाना पड़ेगा भाजपा को नुकसान

नोटबंदी की सकारात्मक शुरुआत अब दिन बढ़ने के साथ नकारात्मक होती जा रही है। नकद संकट से जूझ रहे उद्यमियों और व्यापारियों ने एलान कर दिया है कि इसका नुकसान भाजपा को आगामी विधानसभा चुनावों में देखने को मिलेगा।

नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स सभागार में ट्रेड डेवलपमेंट प्रकोष्ठ के चेयरमैन मनीष अग्रवाल की अध्यक्षता में नोटबंदी से व्यापार पर पड़े प्रभाव को लेकर बैठक में विभिन्न व्यापारिक संगठन

शामिल हुए। पदाधिकारियों ने कहा कि यह फैसला सराहनीय कदम है, लेकिन अब व्यापार पर इसका असर दिखने लगा है। 50-60 फीसद व्यापार में गिरावट आई है। आगरा के जूता उद्योग से लाखों श्रमिक जुड़े हैं, लेकिन धन के अभाव में कारीगरों को भुगतान तक नहीं हो पा रहा है। कई इकाइयां तो बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। मजदूरों को निकाला जा रहा है। वहीं बिक्री न होने से समय पूर्व ही प्रतिष्ठान बंद हो रहे हैं। इस निर्णय से केवल व्यापारी वर्ग को टारगेट बनाया गया है। बैंकों के पास धन नहीं है, जबकि परदे के पीछे खूब ब्लैक को व्हाइट बनाने का खेल चल रहा है। कैशलेस सोसाइटी और डिजिटल पेमेंट करना बेमानी है, क्योंकि देश में 50 फीसद जनता बिना अकाउंट के है।

पोस्टकार्ड अभियान चलाकर प्रधानमंत्री को समस्या से अवगत कराया जाएगा। वहीं 31 दिसंबर तक हालात अगर नहीं सुधरते हैं तो इसका विपरीत असर चुनावों में देखने को मिलेगा। इस अवसर पर उपाध्यक्ष गिरीश चंद गोयल, राजेश अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल, सोहनलाल जैन, विष्णु भगवान अग्रवाल, टीएन अग्रवाल, रमन गोयल, मनोज कुमार गुप्ता, एसएन अग्रवाल, संजय गोयल, अतुल बंसल, संजय गर्ग, उदय अग्रवाल, शलभ शर्मा, सुरेंद्र नाथ गुप्ता, अमित वाष्र्णेय आदि मौजूद रहे।

Courtesy: Jagran

 

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