तीन दिन के अवकाश के बाद आज खुले बैंक, सुबह से ही उमड़ी भीड़

तीन दिन के अवकाश के बाद आज खुले बैंक, सुबह से ही उमड़ी भीड़

लखनऊ नोट बंदी के 35वें दिन हालात और ज्यादा विकट हो गए। तीन दिन के अवकाश के बाद आज बैंक खुलें, लेकिन मौजूदा स्थिति में लोगों को राहत मिल पाना बहुत सम्भव नहीं है। तीन दिन से लोग एक एटीएम से दूसरे एटीएम के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन निराशा बदस्तूर है। नकदी संकट के चलते लोग जरूरी से जरूरी चीजों की पूर्ति के लिए तरस रहे हैं और बाजार बेजार नजर आ रहे हैं।
राजधानी लखनऊ के आसपास के जिलों में एटीएम सेवाओं में कोई सुधार नहीं हुआ। लखीमपुर में एसबीआइ का एटीएम बंद होने से नाराज उपभोक्ताओं ने अस्पताल रोड पर जाम लगा दिया। बलरामपुर, श्रावस्ती, सुलतानपुर, रायबरेली, अमेठी, लखीमपुर, बाराबंकी, सीतापुर, बहराइच व गोंडा में एटीएम बंद रहे। फैजाबाद में भी अधिकांश एटीएम बंद रहे। देवरिया, बस्ती और कुशीनगर में केवल एक एक एटीएम खुले रहे तो संतकबीर नगर में सभी 27 एटीएम बंद रहे। सिद्धार्थनगर जनपद में 200 एटीएम में सिर्फ एचडीएफसी का जिला मुख्यालय स्थित एटीएम खुला रहा। महराजगंज में सभी 89 एटीएम बंद रहे। पूर्वांचल के सोनभद्र, बलिया, मऊ, गाजीपुर, आजमगढ़,

जौनपुर, मीरजापुर, भदोही और चंदौली सहित वाराणसी में सभी प्रमुख बैंकों के एटीएम बंद रहे। मध्य यूपी व बुंदेलखंड के जिलों में सोमवार को भी अधिकांश एटीएम फेल रहे। बांदा, हमीरपुर, उरई, हमीरपुर तथा चित्रकूट के अलावा मध्य यूपी के सभी जिलों के संबंधित लोग एटीएम का चक्कर काटते रहे लेकिन कैश नहीं मिला।

आगरा में लोग इधर से उधर एटीएम के चक्कर काटते रहे। फीरोजाबाद में सिर्फ एसबीआइ की मुख्य शाखा के एटीएम से कैश निकल रहा था। मथुरा, मैनपुरी और एटा में इक्का-दुक्का एटीएम में ही धन था। इलाहाबाद जिले में कुल 11 सौ एटीएम हैं, इनमें बमुश्किल दो फीसद ही सोमवार को आधे समय तक नकदी दे सके। प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय पर एक्सिस बैंक के एटीएम में दोपहर 12.15 बजे नकदी खत्म हो गई। कौशांबी में भी नोटबंदी से हाल बेहाल रहा।
अलीगढ़, मुरादाबाद, संभल में एटीएम बंद रहे। रामपुर में भी पूरे दिन लोग नकदी के लिए एटीएम के चक्कर लगाते रहे। बरेली में सिर्फ तीन एटीएम ने काम किया। मेरठ, शामली, बुलंदशहर, बुलंदशहर में अधिकांश बैंकों के एटीएम से रुपये नहीं मिल सके थे। अधिकांश एटीएम बंद रहे। सहारनपुर में 15 एटीएम से ही लोगों को कैश मिला।

रुपये के अभाव में इलाज न मिलने पर तीन की मौत
मुरादाबाद व सम्भल जिले में रुपये के अभाव में इलाज न मिलने पर युवती समेत तीन की मौत हो गई। कुंदरकी के ग्राम आजमनगर चौपड़ा निवासी मोहम्मद फारूख की पत्नी अकीला (30) को एक सप्ताह से बुखार आ रहा था जिसके बाद पीलिया भी हो गया। बैंकों में तीन दिन का अवकाश व एटीएम में भी ताले पड़े होने के कारण कैश नहीं मिल सका। इस कारण वह पत्नी का इलाज नहीं करा पाया और दवा के अभाव में सोमवार सुबह अकीला ने दम तोड़ दिया। चन्दौसी के ग्राम ताहरपुर सिमरौआ निवासी सुखपाल की मौत हो गई। बेटे प्रेम ङ्क्षसह ने बताया कि पिता का खाता ग्राम मोहम्मदपुर टांडा स्थित यूनियन बैंक में है।

सुबह सुखलाल की तबीयत बिगड़ गई तो चन्दौसी लेकर गए। बैंक से पैसा न निकलने के कारण इलाज नहीं हो सका, जिससे वह उसे घर ले आए जहां उसकी मौत हो गई। धनारी निवासी करन ङ्क्षसह (40) पुत्र अंगन लाल की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि तबीयत खराब होने पर वे उसे चन्दौसी ले गए, जहां से डॉक्टर ने उन्हें दिल्ली ले जाने के लिए कहा, लेकिन पैसों का इंतजाम नहीं हो पाया और करन ङ्क्षसह की मौत हो गई।

Courtesy: Jagran.com

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