शिवपाल यादव के पास जाकर रोए अखिलेश के बेहद करीबी मंत्री अवधेश प्रसाद

शिवपाल यादव के पास जाकर रोए अखिलेश के बेहद करीबी मंत्री अवधेश प्रसाद

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की सत्ता पर काबिज समाजवादी पार्टी में अब आंसू बहाना काफी रंग ला रहा है। आज ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बेहद करीबी मंत्री अवधेश प्रसाद ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव के सामने आंसू बहा दिया। आज उनका आंसू बहाना काफी कारगर भी रहा।

अखिलेश यादव के बेहद करीबी मंत्री अवधेश प्रसाद के पुत्र को पार्टी ने अमेठी के जगदीशपुर ने अपना प्रत्याशी घोषित किया था। अवधेश प्रसाद के पुत्र अजीत प्रसाद को अमेठी की जगदीशपुर विधानसभा से प्रत्याशी बनाया गया था।

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव इन दिनों बेहद आक्रामक तेवर में है। वह विधानसभा चुनाव के लिए टिकट देने तथा प्रत्याशी बदलने के काम में लगे हैं। कल शिवपाल सिंह यादव ने सात प्रत्याशी बदले थे। इसी में अवधेश प्रसाद के पुत्र का भी टिकट कटा गया था।

शिवपाल के बेहद आक्रमक तेवर के कारण इन दिनों मंत्री उनके पास जाने से बच रहे हैं। शिवपाल की गाज से कैबिनेट मंत्री अवधेश प्रसाद के बेटे भी नहीं बच सके। सपा ने उनके स्थान पर हाल में ही कांग्रेस छोड़कर आईं जिला पंचायत सदस्य विमलेश सरोज को कल प्रत्याशी बनाया। अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद को करीब दो महीने पहले अमेठी जिले की जगदीशपुर विधानसभा से प्रत्याशी बनाया गया था। वह वहां पर लंबे समय से प्रचार के काम में लगे थे।

इसके बीच आज होमगार्ड मंत्री अवधेश प्रसाद का पुत्रमोह जाग गया। अवधेश प्रसाद ने आज सीधे समाजवादी पार्टी के कार्यालय का रुख किया। वह पार्टी कार्यालय में मौजूद प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव के कक्ष के बाहर खड़े रहे। इसके बाद अवधेश प्रसाद ने उनके कमरे में प्रवेश किया। फैजाबाद के मिलकीपुर से विधायक अवधेश प्रसाद ने शिवपाल से मुलाकात के दौरान आंसू बहाए और वह शिवपाल पर असर कर गया।अवधेश प्रसाद की विनती पर शिवपाल ने उनके पुत्र अजीत प्रसाद को फिर से अमेठी की जगदीशपुर से पार्टी का प्रत्याशी बना दिया।

समाजवादी पार्टी में इससे पहले भी एक बैठक में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आंसू समाजवादी पार्टी के मुखिया के सामने छलके थे। इसके बाद प्रोफेसर रामगोपाल यादव पार्टी के बाहर होने के बाद इटावा में रो पड़ेे थे। रामगोपाल यादव की उसके कुछ दिन बाद ही पार्टी में न सिर्फ वापसी हो गई, बलिक सारे पद भी वापस मिल गए।

Courtesy: Jagran.com

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