जूनियर वर्ल्ड कप हॉकी: 15 साल बाद भारत की जीत, बेल्जियम को हराया

जूनियर वर्ल्ड कप हॉकी: 15 साल बाद भारत की जीत, बेल्जियम को हराया

लखनऊ आतिशबाजी, हर तरफ तिरंगा और हॉकी के लिए वही पुराना जुनून। ध्यानचंद स्टेडियम में आज जूनियर विश्व कप का फाइनल देख रहे 20 हजार लोगों के समर्थन से लबरेज भारत ने बेल्जियम को 2-1 से हराकर दूसरी बार विश्व विजेता बनने का गौरव हासिल किया। 15 साल बाद स्वर्ण पदक जीतकर सुनहरा सपना साकार किया। इसी के साथ भारत ऐसा पहला देश बन गया, जिसने अपनी मेजबानी में खिताब जीता है। टीम इंडिया के चैंपियन बनते ही दर्शकों से लेकर टीम इंडिया का भांगड़ा मैदान पर देर तक चलता रहा। राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्राफी प्रदान की।

लीग मैचों से लेकर क्वार्टर फाइनल तक का सफर शानदार तरीके से तय करने वाली टीम इंडिया ने फाइनल में भी वहीं दमखम बरकरार रखा। टीम इंडिया के कोच हरेंद्र और सीनियर कोच ओल्टमंस ने जो रणनीति तैयार की थी, खिलाडिय़ों ने उसे मैदान पर अंजाम दिया। खेल की शुरुआत से ही भारत ने दबाव बनाना शुरू कर दिया। जर्मनी और अर्जेंटीना जैसी टीमों को हराने वाली बेल्जियम की टीम में रंग में नजर नहीं आई। बेल्जियम की खिलाडिय़ों की मैन टू मैन मार्किंग की रणनीति भी हरेंद्र सिंह की सेना ने कामयाब नहीं होने दी। मैच में अधिकांश समय भारत ही छाया रहा। मैच में भारत किस कदर हावी था इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बेल्जियम को केवल तीन कार्नर मिले जिसमें दो पेनाल्टी कार्नर मिले आखिरी मिनट में। वहीं भारत ने चार कार्नर हासिल किए। पहले हॉफ में दो मिले। हालांकि टीम इंडिया इसका फायदा नहीं उठा सकी।

जर्मनी ने आस्ट्रेलिया को 3-0 से हराया

लगातार तीसरी बार चैंपियन बनने का सपना लेकर आई जर्मनी की टीम को तीसरा स्थान मिला। कांस्य पदक के लिए हुए मुकाबले में जर्मनी ने आस्टे्रलिया को 3-0 से हराया। लखनऊ के ध्यानचंद एस्ट्रोटर्फ स्टेडियम में रविवार की हुए इस मुकाबले में जर्मनी ने अपने अंदाज में शुरुआत की और विपक्षी टीम को कोई मौका नहीं दिया। खेल के 11वें मिनट में ही जॉन स्कीफर ने गोल कर जर्मनी को 1-0 से आगे कर दिया। दूसरे हाफ में जर्मनी के स्टार स्ट्राइकर टिम हर्जब्रूच ने गोल कर स्कोर 2-0 कर दिया। खेल के 60वें मिनट में एक बार फिर हर्जब्रूच ने आस्ट्रेलिया के रक्षकों को छकाते हुए गोल कर दिया।

अर्जेंटीना को पांचवां स्थान

अर्जेंटीना ने कड़े संघर्ष में स्पेन को 2-1 से पांचवें स्थान पर कब्जा जमाया। वहीं स्पेन को छठे स्थान पर संतोष करना पड़ा। दोनों ही टीमों ने तेज और आक्रामक हाकी खेली। पहला हाफ गोलरहित रहा। अर्जेंटीना के लिए निकोलस कीनन ने 51वें और टामस डोमने ने 54वें मिनट में गोल किए। वहीं स्पेन के लिए फेड्रिको मोरेसी ने 67वें मिनट में गोल मारा।

नीदरलैंड्स को सातवां स्थान

नीदरलैंड सातवें स्थान के लिए जोरदार खेल दिखाया और इंग्लैंड को एकतरफा मुकाबले में 6-2 से हरा दिया। इंग्लैंड आठवें स्थान पर रहा। नीदरलैंड्स की तरफ से वान डैम ने 22वें, भियरे ब्रिंकमैने ने 41वें व 68वें मिनट में, वान ग्रोसेन ने 56वें व 69वें और मोरिस विल्डर ने 65वें मिनट में गोल किए। वहीं इंग्लैंड के लिए टाम सास्र्बी ने 55वें व 66वें मिनट में गोल दागे।

भारत : हरजीत सिंह (कप्तान), हरमनप्रीत सिंह, विक्रमजीत सिंह, वरुण कुमार, समरजीत सिंह, कृष्णा पाठक (गोलकीपर), अरमान कुरैशी, मंदीप सिंह, दिप्सान टिर्की (उपकप्तान), परविंदर सिंह, मनप्रीत, गुरुजांट सिंह, सुमित, संता सिंह, विकास दहिया (गोलकीपर), गुjरिंदर सिंह, नीलकांता साहा, अजित पांडेय, कोच- हरेंद्र सिंह।

बेल्जियम : विक्टर वेगनेज (कप्तान), वान डोरेन (गोलकीपर), आर्थर स्लोवेर, मार्को डोनेक्स, वैन बोकरिजिक, एलेक्जेंडर वान, एंटोनियो कीना, फिलीप सिमर, निकोलस पोंसलेंट्र, राबर्ट रूबंस, आगस्टियन, थामस वेरेहिजेन, मार्टिन लैंब्यू, हेनरी, क्वटिन वान, ग्रेगरी स्टाकबोरोक्स व एलेक्सि लेमेयर।

Courtesy: Jagran.com

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