नजीब जंग से मिलने पहुंचे केजरीवाल, 22 महीने में दोनों के बीच रहे 8 बड़े विवाद; अब कहा- LG का इस्तीफा पर्सनल वजहों से

नजीब जंग से मिलने पहुंचे केजरीवाल, 22 महीने में दोनों के बीच रहे 8 बड़े विवाद; अब कहा- LG का इस्तीफा पर्सनल वजहों से

नई दिल्ली.अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार सुबह नजीब जंग से मुलाकात की। मीटिंग के बाद केजरीवार ने कहा-” इस्तीफा उन्होंने पर्सनल वजह से दिया है।” इसके बाद नजीब पीएमओ भी पहुंचे। उधर, नजीब के अचानक इस्तीफे पर कांग्रेस ने कहा था कि ”मोदी और केजरीवाल में क्या डील हुई? बता दें कि दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग ने गुरुवार की शाम को अचानक इस्तीफा दे दिया था। बता दें कि केजरीवाल के सत्ता संभालते ही जंग से 8 बड़े विवाद हुए। ये करीब 22 महीने जारी रहे। केजरीवाल ने नजीब को मोदी सरकार का एजेंट होने का आरोप लगाया था।केजरी और नजीब के बीच आधे घंटे चली मुलाकात…

केजरीवाल शुक्रवार सुबह नजीब जंग के घर मिलने पहुंचे। दोनों के बीच करीब आधे घंटे बातचीत चली।

जब उनसे पूछा गया कि नजीबजी के साथ आपके रिश्ते कभी अच्छे नहीं रहे तो उन्होंने कहा- “खट्टा-मीठा तो जिंदगी में चलता रहा है। उन्होंने चाय पर बुलाया था। इसलिए आया था। उन्होंने इस्तीफा पर्सनल वजह से दिया है।”

बता दें कि 65 साल के जंग को यूपीए सरकार के वक्त 2013 में एलजी बनाया गया था। मोदी सरकार ने ढाई साल के दौरान कई राज्यपाल बदले, लेकिन पूर्व आईएएस अफसर जंग बरकरार रहे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, होम सेक्रेटरी रहे अनिल बैजल को नया उपराज्यपाल बनाया जा सकता है।

निजी वजहों से दिया इस्तीफा दिया

न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से खबर दी कि आम आदमी पार्टी की सरकार के साथ तल्ख रिश्तों को जंग के इस्तीफे की सबसे बड़ी वजह नहीं माना जा रहा है।

दरअसल, वे पिछले कुछ महीनों से ही पद छोड़ने के बारे में सोच रहे थे। उन्होंने निजी कारणों से इस्तीफा दिया है।

आमतौर पर गर्वनर पांच साल के लिए अप्वाइंट किए जाते हैं, लेकिन लेफ्टिनेंट गर्वनर के पद के लिए कोई टर्म फिक्स नहीं होती।

सेंट्रल होम सेक्रेटरी राजीव महर्षि को लिखे लेटर में जंग ने बताया है कि वह 25 दिसंबर से 1 जनवरी (सात दिन) के लिए गोवा विजिट पर जाने वाले हैं।

इस दौरान दिल्ली के दिल्ली के चीफ सेक्रेटरी महर्षि कॉन्टैक्ट में रहेंगे और अहम मुद्दे पर जानकारियां देंगे।

कांग्रेस ने कहा- असम्मानजनक विदाई

अजय माकन ने कहा, ”ये असम्मानजनक विदाई है। मोदी सरकार और केजरीवाल में क्या डील हुई है? जिससे जंग साहब को जाना पड़ा। अगर केंद्र किसी आरएसएस के पिट्ठू को दिल्ली में लाएगी तो कांग्रेस इसका कड़ा विरोध करेंगी।”

बीजेपी नेता सतीश उपाध्याय ने कहा, ”ये जंग साहब का निजी फैसला है। इसका सम्मान किया जाना चाहिए।”

एकेडेमिक्स में लौटेंगे जंग

एलजी हाउस ने बयान में कहा, ”जंग वापस अपने पहले प्यार यानी एकेडेमिक्स में जाएंगे। नरेंद्र मोदी, केजरीवाल को शुक्रिया। जनता के सहयोग की वजह से ही एडमिनिस्ट्रेशन को ठीक से चलाया जा सका।”

बता दें कि जंग दिल्ली के 20th उपराज्यपाल थे। उन्होंने 9 जुलाई, 2013 को पद संभाला था। इसके पहले जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी के कुलपति थे।

LG-केजरी के बीच विवाद: CM ने जंग को बताया था मोदी का एजेंट और हिटलर

आम आदमी पार्टी के दूसरी बार दिल्ली की सत्ता में आने के बाद से ही केजरीवाल सरकार के साथ एलजी नजीब की जंग शुरू हो गई थी। यह करीब 22 महीने तक जारी रही।

दिल्ली का मुखिया कौन? इस पर सबसे ज्यादा मतभेद रहे

अरविंद केजरीवाल ने जंग पर मोदी सरकार का एजेंट होने का आरोप लगाकर कहा था कि वे हिटलर की तरह बर्ताव कर रहे हैं।

Courtesy: Bhaskar.com

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