भाजपा सांसद के कॉपरेटिव बैंक में चल रहा था कालेधन को सफेद करने का खेल, पद्मश्री से सम्मानित डॉक्टर भी शामिल

भाजपा सांसद के कॉपरेटिव बैंक में चल रहा था कालेधन को सफेद करने का खेल, पद्मश्री से सम्मानित डॉक्टर भी शामिल

केन्द्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्वर्गीय गोपीनाथ मुंडे की बेटी और भाजपा सांसद प्रीतम मुंडे के वैद्यनाथ कॉपरेटिव बैंक को ब्लैक मनी को व्हाइट मनी में बदलने के आरोप में राडार पर लिया है। बड़ी बात यह है कि इस खेल में सीबीआई ने दो बड़े डॉक्टरों के खिलाफ केस दर्ज किया है। सीबीआई ने मुंबई के बड़े डॉक्टर सुरेश आडवाणी और औरंगाबाद के बड़े हॉस्पिटल सिगमा हॉस्पिटल के मालिक डॉ. उमेश टाकलकर के खिलाफ केस दर्ज किया है। सीबीआई के मुताबिक ये डॉक्टर अपने कालेधन को वैद्यनाथ कोऑपरेटिव बैंक में सफेद करते थे। गौर करने वाली बात है कि प्रीतम खुद भी डॉक्टर हैं. प्रीतम के पिता गोपीनाथ मुंडे ने वैद्यनाथ कोऑपरेटिव बैंक की शुरुआत की थी।

महाराष्ट्र सरकार में ग्रामीण विकास और महिला एवं बाल विकास मंत्री पंकजा मुंडे भी इस बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में हैं। उन्होंने कहा कि बैंक ने कुछ भी गलत नहीं किया है। हालांकि, मुंडे ने सीबीआई की जांच में पूरा सहयोग करने का भरोसा दिलाया है। मुंडे ने यह भी कहा कि बोर्ड के डायरेक्टर्स का बैंक के रोजाना कामकाज में कोई दखल नहीं होता है।

हालांकि, डॉ उमेश टाकलकर ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि वो बैंक के रेगुलर ग्राहक हैं। टाकलकर ने कहा कि नवंबर में ही उन्होंने 1.96 करोड़ बैंक में जमा किए थे जबकि कैश दिसंबर में पकड़ा गया है। इनके अलावा जिन पर केस दर्ज हुआ है वो हैं डॉक्टर सुरेश आडवाणी। आडवाणी देश के जाने माने ऑन्कोलॉजिस्ट हैं। उन्हें 2012 में पद्म भूषण से सम्मानित किया जा चुका है। इससे पहले 2002 में पद्मम श्री भी मिल चुका है। सुरेश आडवाणी फिलहाल औरंगाबाद के एक अस्पताल से जुड़े हुए हैं।

सीबीआई ने शुक्रवार को वैद्यनाथ कोऑपरेटिव बैंक की दस शाखाओं पर छापे मारे थे। इस दौरान बैंक के दो मैनेजर, विपिन शाह और शिरीष ठिगले को गिरफ्तारी कर लिया गया था। गौरतलब है कि मुंबई पुलिस ने दोनों बैंक मैनेजरों से 15 दिसंबर को तिलक नगर इलाके से दस करोड़ दस लाख रुपये बरामद किए थे। आयकर विभाग की शुरुआती जांच में पता चला कि पूरी रकम ब्लैकमनी है। दोनों आरोपी मैनेजर इसे औरंगाबाद के बीड से मुंबई लाए थे। वैद्यनाथ कोऑपरेटिव बैंक का ब्लैकमनी कनेक्शन उजागर होने के बाद इस मामले में मुंबई, पुणे, औरंगाबाद और बीड में कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

Courtesy:Jansatta 

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