नरेंद्र मोदी के सामने ही दिखी भाजपा-शिवसेना की तनातनी

मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा के दौरान सत्ताधारी भाजपा और शिवसेना के रिश्तों की दरारें उस वक्त सामने आ गईं जब दर्शकों में शामिल कुछ भाजपा समर्थकों ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे का भाषण कुछ देर के लिए बाधित कर दिया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने ऐसी प्रतिक्रिया इस वजह से जाहिर की क्योंकि महाराष्ट्र सरकार के राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल के भाषण के दौरान शिवसेना कार्यकर्ताओं ने बाधा डाली थी। कई परियोजनाओं की आधारशिला रखे जाने के बाद उद्धव ने बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) स्थित एमएमआरडीए मैदान में प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ मंच साझा किया।

उद्धव का भाषण उस वक्त बाधित किया गया जब कुछ भाजपा समर्थकों ने ‘‘मोदी, मोदी’’ के नारे लगाना शुरू कर दिया। नारेबाजी के कारण शिवसेना प्रमुख को कुछ देर के लिए अपना भाषण रोकना पड़ा। इससे पहले, जब पाटिल के भाषण में बाधा डाली गई तो देवेंद्र फडणवीस ने व्यक्तिगत तौर पर दखल दिया और भीड़ को नियंत्रित किया। इस हफ्ते की शुरूआत में यहां राम मंदिर स्टेशन के उद्घाटन के दौरान शिवसेना और भाजपा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की थी और वरिष्ठ नेताओं के भाषण में बाधा डाली थी। शिवसेना केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार के विभिन्न फैसलों की समय-समय पर आलोचना करती रही है। इसके चलते दोनों के रिश्‍तों में तनाव रहता है।

हाल ही में हुए निकाय चुनावों में भी दोनों पार्टियों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था। इसमें भाजपा ने भारी जीत दर्ज की थी, वहीं शिवसेना को शिकस्‍त झेलनी पड़ी थी। इसके अलावा नोटबंदी के मुद्दे पर भी शिवसेना ने नरेंद्र मोदी सरकार की आलोचना की थी। मुंबई में रैली के दौरान पीएम मोदी ने नोटबंदी का मुद्दा उठाया। उन्‍होंने इस फैसले का समर्थन किया और कहा कि 30 दिसंबर के बाद बेईमानों का दर्द बढ़ने वाला है।

Courtesy:Jansatta 
Categories: Politics

Related Articles