टिकट नहीं मिला तो अखिलेश के 200 सपोर्टर लड़ सकते हैं निर्दलीय चुनाव

लखनऊ. समाजवादी पार्टी में अखिलेश यादव और चाचा शिवपाल यादव के बीच जंग दोबारा शुरू होने के आसार नजर आने लगे हैं। पार्टी में अखिलेश के विरोधी माने जाने वाले नेताओं (गायत्री प्रजापति, रामपाल यादव, अतीक अहमद) को जगह मिलना कहीं न कहीं इसी का सबूत है। जहां शिवपाल ने 175 कैंडिडेट्स के नाम का एलान किया है, तो अखिलेश यादव ने भी 403 कैंडिडेट्स की लिस्‍ट मुलायम सिंह को सौंपी है। कहा जा रहा है कि अखिलेश की लिस्‍ट में खराब इमेज वाले नेताओं का नाम नहीं है। चर्चा ये भी है कि इस लिस्‍ट में गायत्री प्रजापति का नाम नहीं है। सूत्रों की मानें तो टीम अखिलेश के करीब 200 से ज्‍यादा लोग (विधायक, सपोर्टर्स) इस बात के लिए तैयार हैं कि अगर उनका टिकट काटा जाता है, तो वे निर्दलीय कैंडिडेंट्स के तौर पर इलेक्शन में उतर सकते हैं। अखिलेश ने मौजूदा 35 से 40 मंत्री-विधायकों के टिकट काटे…

सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश ने मुलायम को जो लिस्‍ट सौंपी है, उसमें माफिया अंसारी बंधु, बाहुबली अतीक अहमद और पत्नी की हत्या के आरोपी अमनमणि त्रिपाठी का नाम नहीं है।

इसके अलावा, अखिलेश ने अपने उन करीबियों को लिस्‍ट में शामिल किया है, जिनका टिकट शिवपाल यादव ने काट दिया था।

इस लिस्ट में मौजूदा 35 से 40 मंत्री-विधायकों के टिकट काट दिए गए हैं।
मुलायम अखिलेश के नाम पर चुनाव लड़ने को तैयार नहीं

सूत्रों की मानें तो कांग्रेस-आरएलडी-जेडीयू चाहते हैं कि गठबंधन होने पर अखिलेश यादव के नाम पर चुनाव लड़ा जाए। उन्‍हें लगता है कि अगर अखिलेश को सीएम के तौर पर प्रोजेक्ट किया जाता है, तो चुनाव में गठबंधन को फायदा हो सकता है।
उधर, मुलायम इस बात के लिए तैयार नहीं हैं। वे चाहते हैं कि चुनाव किसी व्‍यक्ति विशेष पर नहीं, बल्कि पार्टी के आधार पर लड़ा जाए। साथ ही, एक एकजुट गठबंधन के आधार पर चुनाव लड़ा जाए।
चर्चा है कि कहीं न कहीं मुलायम की इस सोच के पीछे अमर सिंह और शिवपाल यादव हैं।

अमर-शिवपाल के डिसीजन को मुलायम दे रहे इम्‍पॉर्टेंस?
शनिवार को अमर सिंह ने लखनऊ में मुलायम सिंह और शिवपाल यादव से मुलाकात की थी। चर्चा थी कि इस मुलाकात में अमर सिंह ने सपा और कांग्रेस के गठबंधन की बात को रखा।
हालांकि, मुलायम सिंह ने बाद में गठबंधन की खबरों से इनकार कर दिया और कहा कि सपा अकेले चुनाव लड़ेगी।
वहीं, मुलाकात के अगले ही दिन गायत्री प्रजापति को सपा का नेशनल सेक्रेटरी बन दिया गया, जिन्‍हें अखिलेश का विरोधी माना जाता है।
सोमवार को भी अखिलेश के विरोधी माने जाने वाले रामपाल यादव की पार्टी में वापसी हो गई। उन्‍हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते जनवरी में सपा से बाहर का रास्‍ता दिखा दिया गया था।

शिवपाल बोले- जीत के आधार पर होगा टिकट का बंटवारा
वहीं, शिवपाल यादव ने ट्वीट कर कहा कि पार्टी में किसी तरह की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी, जो पार्टी की इमेज को नुकसान पहुंचाए।
टिकट का बंटवारा जीत के आधार पर होगा। अब तक 175 लोगों को टिकट दिया जा चुका है।
शिवपाल ने ये भी कहा कि पार्टी गठबंधन करेगी या नहीं, इसका फैसला नेताजी ही करेंगे। सीएम चुनाव के बाद तय किया जाएगा।

मुलायम के बयान के बाद जेडीयू ने जताई हैरानी

मुलायम सिंह यादव के अकेले चुनाव लड़ने के एलान के बाद जेडीयू नेता शरद यादव ने इस पर हैरानी जताई।

उन्‍होंने कहा- “खुद मुलायम सिंह ने मुझे और देवेगौड़ा जी को गठबंधन पर बात करने के लिए 5 तारीख को बुलाया था।”

“उनका ये बयान हैरान कर देने वाला है। देश संकट का सामना कर रहा है। मुलायम सिंह को गठबंधन के बारे में फिर से सोचना चाहिए।”

Courtesy: Bhaskar.com

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