सपा के 403 में से 325 कैंडिडेट तय: 43% दागी विधायकों को फिर मिला टिकट, 35% उम्मीदवार यादव-मुस्लिम

सपा के 403 में से 325 कैंडिडेट तय: 43% दागी विधायकों को फिर मिला टिकट, 35% उम्मीदवार यादव-मुस्लिम

लखनऊ. मुलायम सिंह यादव ने बुधवार को यूपी असेंबली इलेक्शन के लिए समाजवादी पार्टी के 325 कैंडिडेट्स के नामों का एलान किया। 78 सीटों के लिए बाद में नाम घोषित किए जाएंगे। लिस्ट में अखिलेश यादव सहित उनके करीबी तीन मंत्रियों का नाम नहीं हैं। 325 की लिस्‍ट में 176 सिटिंग एमएलए हैं, जबकि 129 नए चेहरों को जगह मिली है। अगर फेमस क्रिमिनल्‍स या बाहुबलियों की बात करें तो लिस्‍ट में अतीक अहमद, मुख्‍तार अंसारी, अमनमणि त्रिपाठी जैसे नाम हैं।  आपको बताने जा रहा है कि सपा ने जिन सीटों पर टिकट का एलान किया है, उनमें कितने क्रिमिनल हैं..कितने अखिलेश या शिवपाल के करीबी हैं…

टिकट बंटवारे के बाद अखिलेश की जवाबी कार्रवाई

बुधवार देर रात आवास विकास परिषद की उपाध्यक्ष सुरभि शुक्ला को अखिलेश यादव ने बर्खास्त कर दिया। उन्‍हें शिवपाल का करीबी माना जाता है।

सुरभि के पति संदीप को सुल्तानपुर की सदर विधानसभा सीट से सपा से टिकट मिला है। संदीप निर्माण निगम में सलाहकार थे। दोनों को बर्खास्त किया गया है।

अखिलेश के खास सिटिंग एमएलए अरुण वर्मा का टिकट काटकर संदीप को दिया गया।

बता दें, संदीप इससे पहले सरकारी अफसर थे और 10 महीने पहले ही उन्हें रिजाइन दिया था। इसके बाद उन्हें निर्माण निगम का सलाहकार बनाया गया था।

2012 में इस तरह थी पार्टी वाइज जीते हुए क्रिमिनल्‍स की लिस्‍ट…

सपा में 229 विधायकों में 108 दागी थे। सबसे ज्यादा केस दर्ज वाले विधायक थे-

#अलीगंज से रामेश्वर सिंह, कुल 27 केस दर्ज
#ज्ञानपुर से विजय मिश्रा, कुल 26 केस दर्ज
#403 सीटों में सबसे ज्यादा केस दर्ज होने वाले टॉप 10 विधायकों में सपा के 7 हैं।

#बीजेपी- 41 विधायकों में 18 पर केस दर्ज (43%)
#बीएसपी- 80 विधायकों में 27 पर केस दर्ज (33%)
#कांग्रेस- 28 विधायकों में 13 पर केस दर्ज (46%)

(नोट: ये आंकड़े एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्‍स ADR से लिए गए हैं।)

टिकट बंटवारे पर अखिलेश-शिवपाल के बीच आ चुकी है तनातनी की खबर

– सीएम अखिलेश और शिवपाल यादव के बीच कैंडिडेट्स के नामों को लेकर टकराव की खबर पहले ही आ चुकी है।

– पार्टी के लोगों के मुताबिक, अखिलेश ने रविवार को मुलायम सिंह यादव से मुलाकात करके 403 कैंडिडेट्स की लिस्ट सौंपी थी। जबकि शिवपाल पहले ही 175 कैंडिडेट्स की लिस्ट जारी कर चुके थे। दोनों में कई नामों पर मतभेद थे।

– सूत्रों का दावा था कि अखिलेश ने मुलायम को जो सूची सौंपी, उसमें माफिया अंसारी बंधु, बाहुबली अतीक अहमद और पत्नी की हत्या के आरोपी अमनमणि का नाम नहीं है।

– इसके अलावा अखिलेश ने अपने करीबियों को शामिल किया, जिनका टिकट शिवपाल यादव ने काट दिया था। लिस्ट में मौजूदा 35 से 40 मंत्री-विधायकों के टिकट काट दिए गए थे।
– बताया गया कि सीएम ने एक एजेंसी से कराए सर्वे के आधार पर लिस्ट तैयार की। इसमें ज्यादातर मंत्री और विधायक क्षेत्र की जनता की मांगों को पूरा कर पाने में नाकामयाब पाए गए। इसीलिए सीएम ने इनके टिकट काट दिए।

इसके बाद शिवपाल यादव ने ट्वीट कर कहा कि टिकट का बंटवारा जीत के आधार पर होगा। इसका फैसला नेताजी ही करेंगे। सीएम चुनाव के बाद तय किया जाएगा।

मुलायम बोले- अखिलेश जहां से चाहेंगे, चुनाव लड़ेंगे, अखिलेश ने कहा- जिनके नाम लिस्‍ट से कटे, उनके लिए वो नेताजी से करेंगे बात…

मुलायम ने कैंडिडेट्स के नामों के एलान के बाद कहा, ‘अखिलेश जहां से चाहेंगे, चुनाव लड़ेंगे। उनके टिकट मांगने की बात मुझे नहीं पता है।’

‘यूपी जीतने वाला ही दिल्ली भी जीतता है, चुनाव फरवरी में होंगे, परीक्षाएं मार्च में।’
‘पहले भी जिनको टिकट नहीं मिला था उनको सम्मानित किया गया था। 2012 में उनको मैंने सम्मानित किया था। कार्यकर्ता हमारे लिए बहुत अहम हैं।’

वहीं, मुलायम के एलान के बाद लिस्ट से कई लोगों के नाम कटने पर अखिलेश यादव ने कहा कि उन्‍होंने नेता जी को एक लिस्ट सौंपी थी। अभी नई सूची आई है।

जिन्हें वो समझते थे कि चुनाव जीत सकते हैं, अगर उनके नाम कटे हैं तो वे उनके लिए नेता जी से कहेंगे।

अखिलेश के करीबी तीन मंत्रियों का टिकट कटा

लिस्ट में तीन मंत्रियों का टिकट कटा है। इनमें अखिलेश के करीबी मंत्री अरविंद सिंह गोप, पवन पांडेय और रामगोविंद चौधरी शामिल हैं।

Courtesy: Bhaskar.com

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