नोटबंदी से UP में कैंडिडेट्स को 10 फीसदी महंगा पड़ेगा इलेक्शन लड़ना: सर्वे

नोटबंदी से UP में कैंडिडेट्स को 10 फीसदी महंगा पड़ेगा इलेक्शन लड़ना: सर्वे

लखनऊ.यूपी असेंबली इलेक्शन पिछली बार के मुकाबले ज्यादा खर्चीला होगा। ऐसे में कैंडिडेट ब्लैकमनी के इस्तेमाल के लिए मजबूर होंगे और नए तरीके खोजेंगे। यह दावा सोमवार को जारी एक सर्वे में किया गया। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म्स (ADR) और यूपी इलेक्शन वॉच ने ‘नोटबंदी का इलेक्शन पर कोई असर नहीं होगा’ के लिए प्रदेश की 30 विधानसभा क्षेत्रों में सर्वे किया है। 10 फीसदी बढ़ेगा चुनाव खर्च…

– सर्वे के मुताबिक, 69% संभावित कैंडिडेट्स और पार्टी वर्कर्स ने कहा कि पिछले इलेक्शन के मुकाबले इस बार नोटबंदी की वजह से चुनाव खर्च 10% बढ़ेगा।

– 65% संभावित कैंडिडेट्स ने कहा कि इसका वोटर्स को रिझाने के तरीकों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। जबकि 70% कैंडिडेट्स ने माना कि वो पुराने तरीकों पर ही फोकस करेंगे।

कारोबारियों ने क्या कहा?

– इलेक्शन कैंपेन का मटेरियल बनाने वाले ट्रेडर, इवेंट मैनेजर, प्रिंटर और ट्रैवल एजेंट्स के मुताबिक नेताओं को कैंपेन करने में दिक्कत होगी। 70% का मानना है कि नोटबंदी का असर उनके कारोबार पर होगा।
– जबकि 60% ट्रेडर्स ने कहा कि कैशलेस सिस्टम से उनके बिजनेस पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।

यूपी के 30 विधानसभा क्षेत्रों में सर्वे

– एडीआर और यूपी इलेक्शन वॉच के चीफ कन्वीनर संजय सिंह ने बताया- यूपी इलेक्शन पर नोटबंदी का असर जानने के लिए हमनें प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों और विधानसभा क्षेत्रों में लोगों की राय ली।
– सर्वे में यूपी के 10 डिविजन के 30 विधानसभा क्षेत्र- झांसी, बांदा, कानपुर, लखनऊ, मेरठ, वाराणसी, गोरखपुर, इलाहाबाद, आगरा और बरेली को शामिल किया गया है।

28 दिसंबर को आयोग कर सकता है तारीखों का एलान

– चुनाव आयोग इस हफ्ते पांच राज्यों के चुनाव कार्यक्रम का एलान कर सकता है। 28 दिसंबर को चुनाव की तारीखों की घोषणा हो सकती है।
– अफसरों ने बताया कि पहले 22 दिसंबर को एलान होने वाला था, लेकिन गोवा ने क्रिसमस के बाद चुनाव कार्यक्रम घोषित करने का आग्रह किया था।
– उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में अगले साल चुनाव होने हैं।
– जानकारी के मुताबिक, आयोग ने उत्तर प्रदेश में चुनाव के लिए केंद्रीय बल भेजना शुरू कर दिया है।
– राज्य में 2012 की तरह सात चरणों में वोटिंग संभावित है। इसकी शुरुआत पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हो सकती है। वहां केंद्रीय बल भेजे गए हैं।
– पहले चरण के लिए करीब 50 कंपनियों एक-दो दिन में पहुंच रही हैं। पंजाब के लिए केंद्रीय बल की 100 कंपनियां भेजी गई हैं।

Courtesy: Bhaskar.com

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