नोटबंदी : राहुल ने मोदी से पूछा-कितना कालाधन जब्त किया, कितनी गई नौकरियां

नोटबंदी : राहुल ने मोदी से पूछा-कितना कालाधन जब्त किया, कितनी गई नौकरियां

नई दिल्ली, एजेंसी। नोटबंदी की घोषणा के 50 दिन पूरे हो चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को राष्ट्र को संबोधित कर सकते हैं। इससे पहले शुक्रवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से पांच सवाल पूछे हैं। दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस ने नोटबंदी से जनता को हुई असुविधा के लिए प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग की है तो आम आदमी पार्टी ने कहा कि प्रधानमंत्री अपने संबोधन में देश से माफी मांगें।
राहुल ने पूछे ये पांच सवाल
राहुल गांधी ने ट्वीट कर प्रधानमंत्री से पांच सवाल पूछते हुए कहा-नोटबंदी की घोषणा के 50 दिन पूरे हो गए हैं, देश इन पांच सवालों पर आपके जवाब का इंतजार कर रहा है, मोदीजी।
-आठ नवंबर को बड़े नोटों को अमान्य करने की घोषणा करने के बाद कितना कालाधन जब्त किया गया है?
-इस निर्णय के कारण देश को कितना आर्थिक नुकसान हुआ और कितनी नौकरियां खत्म हुई हैं?
-यह फैसला करने से पहले किन लोगों से विचार-विमर्श किया? विशेषज्ञों, अर्थशास्त्रियों और रिजर्व बैंक से क्यों विचार विमर्श नहीं किया गया?

-8 नवंबर की नोटबंदी की घोषणा से पहले छह महीने में कितने लोगों ने खातों में 25 लाख रुपए से अधिक जमा किए?
-नोटबंदी के कारण कितने लोगों की मौत हुई? क्या इन लोगों को मुआवजा मिला?

नोटबंदी से कुछ भी हासिल नहीं हुआ : तृणमूल
तृणमूल कांग्रेस ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नोटबंदी से लोगों की हुई तकलीफों की जिम्मेदारी लेकर अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। पार्टी प्रवक्ता डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि नोटबंदी के बाद अब तक 110 लोग मर गए हैं। अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। आतंकवाद, कालाधन और भ्रष्टाचार खत्म करने के मूल उद्देश्य हासिल नहीं हो पाए हैं। शुक्रवार रात 12 बजे प्रधानमंत्री की दी हुई समय सीमा 50 दिन पूरे हो गए हैं। इस्तीफा देने के लिए शनिवार उनके लिए बेहतर रहेगा।

प्रधानमंत्री ने बड़ी गलती की : केजरीवाल
आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी कर बहुत बड़ी गलती की है। देश को बड़े आर्थिक संकट में पहुंचा दिया है। 31 दिसंबर को राष्ट्र के नाम संबोधन के दौरान उन्हें इसके लिए देश से माफी मांगनी चाहिए। केजरीवाल अमृतसर में पार्टी समर्थकों को संबोधित कर रहे थे।

Courtesy: Jagran.com

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