2000 के नकली नोट छापने वाले तीन गिरफ्तार, 382 नोट बरामद

2000 के नकली नोट छापने वाले तीन गिरफ्तार, 382 नोट बरामद

कानपुर देहात भोगनीपुर कोतवाली क्षेत्र के मीरपुर पुखरायां में पुलिस ने छापा मारकर जाली नोट छापने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से दो-दो हजार के 382 जाली नोट, लैपटाप, प्रिंटर, छपाई मशीन, पांच मोबाइल फोन व सात अधछपे नोट बरामद किए हैं। पुलिस मास्टर माइंड की तलाश कर रही है।

पुखरायां कस्बे में करीब 40 दिन से जाली नोट छापने का काम चल रहा था।

पुलिस छापेमारी में मीरपुर निवासी समरेंद्र सचान, साथी आशीष कुमार व विवेकानंद नगर निवासी प्रसून सचान को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए युवकों ने बताया कि गंगागंज पनकी कानपुर निवासी विजय की देखरेख में जाली नोट छापने का काम कर रहे थे। अबतक 90 लाख के जाली नोट छाप चुके हैं। इनमें विजय 80 लाख के नोट पुराने नोटों से बदल चुका है। उनके पकड़े जाने से कुछ देर पहले ही करीब ढाई लाख कीमत के जाली नोट लेकर विजय पुखरायां से निकला था। मौके पर 7.64 लाख के जाली नोट बरामद हुए हैं। मास्टर माइंड विजय व उसके साथी कानपुर से कागज लाकर जाली नोट छापने के बाद पुराने नोटों से बदलने का धंधा कर रहे थे।

शराब तस्करी में महिला समेत चार दबोचे

मेरठ की परतापुर पुलिस ने दिल्ली की एक महिला को साथियों संग शराब तस्करी में गिरफ्तार किया। जायलो में दिल्ली से अरुणाचल मार्का शराब की खेप को वेस्ट यूपी में सप्लाई करने के लिए लाया जा रहा था। 25 पेटी शराब बरामद हुई। महिला ने बताया कि प्रति खेप एक हजार रुपये उसे मिलते हैं। परतापुर पुलिस की टीम ने खरखौदा तिराहे से चेकिंग के दौरान जायलो कार को पकड़ लिया। तलाशी में 25 पेटी अरुणाचल मार्का शराब बरामद हुई। वेस्ट यूपी में हरियाणा से खरीद कर शराब की सप्लाई की जा रही थी। इंस्पेक्टर सुशील दूबे ने बताया कि जायलो में सवार नेहा पत्नी मुकेश निवासी गंगोलपुरी दिल्ली, कल्पनाथ मौर्य निवासी विजय नगर थाना उस्मानपुर जिला बस्ती, बंटी निवासी बन्ना तारोली थाना फतेहाबाद आगरा, मुकेश कुमार निवासी सूबे की मढैय्या थाना बलरई इटावा थे। पकड़ी गई नेहा दिल्ली में शराब की बड़े पैमाने पर तस्करी करती है। पति मुकेश के जेल जाने के बाद नेहा ने खुद का गैंग तैयार किया और शराब की तस्करी शुरू कर दी। पुलिस ने कार के अंदर से चार मोबाइल भी बरामद किए हैं। पुलिस ने बताया कि शराब की खेप दौराला में उतरने के लिए जा रही थी। मेरठ के अलावा, बिजनौर, बुलंदशहर और मुजफ्फरनगर तथा शामली में भी सप्लाई दे चुके हैं। नेहा ने बताया कि पिछले तीन साल से गैंग चला रही है।

गोरखपुर व पटना में ढाई टन गांजा बरामद

असोम से बिहार पहुंचाया जा रहा ढाई हजार किलो यानी ढाई टन गांजा डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस (डीआरआइ) ने बरामद किया है। दो दिनों के दौरान अलग-अलग छापों में यह गांजा पटना व गोरखपुर से जब्त किया गया है। पटना बाइपास पर रोके गए ट्रक में गांजा रखने के लिए विशेष चेंबर बनाया गया था, जबकि गोरखपुर के पास रोके गए ट्रक में बांस के बीच इसे छिपा कर ले जाया जा रहा था। डीआरआइ अधिकारियों को जानकारी मिली थी कि ट्रक के जरिए भारी मात्रा में गांजा असोम से राजस्थान ले जाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश व बिहार के रास्ते जाने वाले इस गांजे के ट्रक को डीआरआइ टीम ने गोरखपुर के पास पकड़ लिया। ट्रक में बांस के बीच छिपा कर रखा गया 690 किलो गांजा जब्त करने के साथ ही जांच दल ने ट्रक पर सवार तीन लोगों को भी गिरफ्तार कर लिया। इनमें दो लोग बागपत निवासी और एक व्यक्ति शिकोहाबाद का रहने वाला था। इसी तरह नगालैैंड-असोम सीमा से बिहार के आरा जिले ले जाए जा रहे गांजे के ट्रक के बारे में पता चलने पर डीआरआइ टीम ने किशनगंज से उसका पीछा किया और पटना बाइपास के पास डिलीवरी लेने आए व्यक्ति के साथ ड्राइवर व खलासी को गिरफ्तार कर लिया।

Courtesy: Jagran.com

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