जब एक साथ खोदी गईं एक ही परिवार की 11 कब्रें, दफनाने वाले भी रो पड़े

जब एक साथ खोदी गईं एक ही परिवार की 11 कब्रें, दफनाने वाले भी रो पड़े

अमेठी. जब उठी 11 लोगों के जनाजे तो हर कोई रो उठा। यही नहीं, 11 कब्र खोदने वालों के भी आंसू छलक उठे। कुछ ऐसा हाल था गुरुवार को यूपी के अमेठी जिले में। बता दें, 4 जनवरी को तड़के जिले में एक ही परिवार के 11 लोगों की लाश घर से बरामद की गई थी।

 

सिर्फ एक ही महिला बची थी जिंदा …

– मामला अमेठी से 70 किलोमीटर दूर महोना गांव का है। यहां एक ही फैमिली के 11 लोगों की डेड बॉडी मिलीं थी, सभी को धारदार हथियार से मारा गया।

– परिवार के मुखिया जमालुद्दीन (45) की बॉडी फंदे से लटकी मिली।

– घर में सिर्फ जमालुद्दीन की पत्नी बची है। सुबह पड़ोस में रहने वाला एक शख्‍स जब जमालुद्दीन के घर पहुंचा तो मामले का खुलासा हुआ।
– सीएचसी जगदीशपुर में एडमिट जमालुद्दीन की पत्नी जाहिदा और बेटी अफसर बानो ने आईजी जोन, कमिश्नर, डीआईजी, डीएम और एसपी की मौजूदगी में बयान दिए। जिसे अभी डिस्क्लोज नहीं किया गया है।
– गुरुवार को 11 शवों का पोस्‍टमॉर्टम कराया गया। इसके बाद सभी शवों को जमालुद्दीन के पैतृक गांव बहादुरपुर ले जाया गया।

– जहां राजनीतिक पार्टियों के नेताओं, समर्थकों के साथ आसपास के कई गांवों के हजारों लोग पहले से जमा थे।
– देर शाम भारी पुलिस फोर्स की निगरानी में जामा मस्जिद जगदीशपुर के पेश इमाम ने जनाजे की नमाज पढ़ाई और फिर लाशों को दफ्नाया गया।

पोस्‍टमॉर्टम रिपोर्ट से टैली नहीं कर रहा पुलिस का बयान…
सवाल?
जमालुद्दीन पर 10 लोगों के कत्ल का इल्जाम था, लेकिन पीएम रिपोर्ट में उसके शरीर पर खून के एक भी धब्बे क्‍यों नहीं मिले?

सवाल?

क्या जमालुद्दीन ने ग्लफ्स पहनकर सभी को मौत के घाट उतारा था ? अगर ऐसा है तो घटनास्‍थल से ग्‍लफ्स क्‍यों नहीं मिले।

सवाल?

जमालुद्दीन कोई पेशेवर शातिर अपराधी नहीं था, तो फिर इतनी सफाई से वारदात को अंजाम कैसे दिया ?

Courtesy:Bhaskar.com

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