सपा में सुलह की 8वीं कोशिश, मुलायम सिंह से मिलने पहुंचे अखिलेश यादव

सपा में सुलह की 8वीं कोशिश, मुलायम सिंह से मिलने पहुंचे अखिलेश यादव

लखनऊ. समाजवादी पार्टी में वि‍वाद के बीच अखि‍लेश यादव मुलायम सिंह से मिलने उनके घर पहुंचे हैं। इससे पहले इलेक्‍शन कमीशन में मि‍लने के बाद सोमवार शाम मुलायम सिंह दि‍ल्‍ली से लखनऊ लौटे थे। रात को मीडिया से बातचीत में उन्‍होंने कहा – “समाजवादी पार्टी एक ही है। चुनाव के बाद अगले सीएम अखिलेश यादव ही रहेंगे। इसमें कोई कन्‍फ्यूजन नहीं है। समाजवादी पार्टी ना टूटी है और ना टूटेगी। बता दें कि दोनों गुटों के बीच अब तक सुलह की सात कोशिशें हो चुकी हैं। लेकिन सभी नाकाम रही हैं। मुलायम ने कहा था- मैं जाते ही ठीक कर दूंगा…

– इससे पहले मुलायम ने सोमवार सुबह कहा- “आप तो जानते हैं कि एक-दो लोग हैं, जिन्होंने हमारे लड़के को बहका दिया है। मेरी अखिलेश से काफी बात हुई। सुबह बात हुई। अब जा रहा हूं। देखता हूं, क्या कहता है?”
– “हमारे बीच कोई विवाद नहीं है। यह मामला मेरे और मेरे बेटे के बीच हैं। एक शख्स है जो मतभेद लाने की कोशिश कर रहा है। मैं जाते ही ठीक कर दूंगा।”

मुलायम ने आयोग से क्या कहा?
– न्यूज एजेंसी ने पार्टी सूत्रों के हवाले से बताया कि मुलायम ने ईसी को बताया कि रामगोपाल यादव ने जो पार्टी का अधिवेशन बुलाया था। वह पार्टी के संविधान के मुताबिक नहीं था। इसलिए उसमें लिए गए फैसले वैध नहीं है।
– अमर सिंह और शिवपाल यादव के साथ मुलायम इलेक्शन कमीशन पहुंचे थे।
– इस बीच, मुलायम सिंह ने राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी को लेटर लिखकर रामगोपाल यादव से राज्यसभा में एसपी के नेता का दर्जा वापस लिए जाने की मांग की है।

रामगोपाल ने कहा- ईसी सिंबल पर फैसला जल्द लें

– अखिलेश गुट की तरफ से रामगोपाल यादव ने ईसी से मुलाकात की।

– मीटिंग के बाद रामगोपाल ने बताया कि हमने इलेक्शन नजदीक होने का हवाला देते हुए ईसी से जल्द ही सिंबल पर फैसला लेने की अपील की है।

– हालांकि, उन्होंने मुलायम सिंह के किसी भी बयान पर कमेंट करने से मना कर दिया।

सीज हो सकता है सिंबल

– दोनों ही खेमे सिंबल को लेकर अड़े हैं। जानकारों का कहना है कि इलेक्शन कमीशन इस पर 17 जनवरी तक फैसला ले सकता है। जांच करने के लिए उसे वक्त चाहिए।

अब तक सुलह की 7 कोशिशें नाकाम

– 31 दि‍संबर 2016 :आजम खान ने अखि‍लेश यादव की मुलाकात मुलायम सिंह और शि‍वपाल यादव से करवाई।
– इसके बाद आपसी सहमति‍ की बात सामने आई। यह मान लि‍या गया कि‍ समझौते के बाद सारे वि‍वाद खत्‍म हो गए।

– सूत्रों के मुताबिक, मुलायम से हुई मीटिंग में अखिलेश ने अपनी 4 शर्तें रखी थीं।
#पहली शर्त: अखिलेश ने अमर सिंह को पार्टी से बर्खास्त करने को कहा।
#दूसरी शर्त: शिवपाल यादव को राष्ट्रीय राजनीति में भेजा जाए।
#तीसरी शर्त: टिकट बंटवारा मुलायम और अखिलेश की सहमति से हो। इसमें किसी तीसरे की दखलंदाजी न हो।
#चौथी शर्त: इसके अलावा टीम अखिलेश के बर्खास्त लोगों को भी पार्टी में वापस लिया जाए।
– लेकिन अखिलेश की ये शर्तें नहीं मानी गईं।
– 2 जनवरी: सपा के सिंबल पर दावेदारी के लि‍ए शि‍वपाल और अमर सिंह के साथ मुलायम चुनाव आयोग पहुंचे। वहां मुलायम से मि‍लने आजम खान पहुंचे, लेकि‍न उन्‍हें फोन पर मुलायम ने कहा कि‍ लखनऊ जा रहा हूं, वहीं बात होगी।
– 3 जनवरी:अखि‍लेश यादव ने मुलायम सिंह के घर पर जाकर मुलाकात की, पर बात नहीं बनी। अखि‍लेश की मांगें नहीं मानी गईं।
– 4 जनवरी: आजम के साथ मुलायम की 5 घंटे बातचीत हुई, लेकि‍न फिर भी समझौता नहीं हो सका। दरअसल, अमर सिंह को पार्टी से नि‍कालने के मुद्दे पर सहमति‍ नहीं बन सकी।
– 5 जनवरी: देर रात तक करीब 4 घंटे मुलायम, शि‍वपाल और अमर सिंह के बीच दि‍ल्‍ली में बातचीत हुई। लखनऊ लौटने पर मुलायम से रात को उनके भाई अभयराम ने भी मुलाकात की।
– 6 जनवरी: सुबह अखि‍लेश यादव से शि‍वपाल और अमर ने मुलाकात की।

– 8 जनवरी:रविवार की सुबह अखिलेश ने मुलायम को फोन किया था। मुलायम ने अखिलेश के सामने दो शर्तें रखीं थीं। पहली की वे नेशनल प्रेसिडेंट बने रहेंगे और दूसरी शिवपाल प्रदेश अध्‍यक्ष बने रहेंगे। सूत्रों के अनुसार ये दोनों ही शर्तें अखिलेश ने नहीं मानी थी।

– 10 जनवरी:अखिलेश एक बार फिर मुलायम के घर मिलने पहुंचे हैं।

मुलायम ने खुद को बताया सपा का राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष
– वहीं, रविवार शाम मुलायम सिंह ने दिल्‍ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी। इसमें उन्‍होंने कहा था- “मैं राष्ट्रीय अध्यक्ष हूं, शिवपाल प्रदेश अध्यक्ष हैं और अखिलेश यादव मुख्यमंत्री हैं।”

– “हमने रामगोपाल को 30 दिसंबर को छह साल के लिए पार्टी से निकाल दिया था। रामगोपाल ने जो सम्मेलन बुलाया वो फर्जी है।”

मुलायम ने जड़ा पार्टी ऑफिस पर ताला, अखिलेश की नेम प्लेट हटाई
– लखनऊ में मुलायम ने कहा था, “पार्टी के अंदर कोई विवाद नहीं है, तो समझौता कैसा?”
– रविवार को दिल्ली रवाना होने से पहले लखनऊ के पार्टी ऑफिस में मुलायम सिंह यादव ने अखिलेश यादव की राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष और नरेश उत्‍तम की प्रदेश अध्‍यक्ष के नाम से लगी नेम प्‍लेट को हटवा दिया था।
– इसके बाद मुलायम के नाम वाली राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष और शिवपाल के नाम वाली प्रदेश अध्‍यक्ष की प्‍लेट दोबारा लगाई गईं। पार्टी ऑफिस के कमरों में ताला लगवाकर मुलायम दिल्‍ली रवाना हो गए।
– मुलायम ने अपने ऑफिसर ऑन स्‍पेशल ड्यूटी (ओएसडी) जगजीवन से ऑफिस की चाबियां लेकर रख लीं। इस दौरान अखिलेश खेमे के वर्कर्स नारेबाजी करते रहे।

– जब मीडिया ने पूछा कि क्या अखिलेश पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहेंगे, इस पर मुलायम बोले, “क्या मैं इतना बेवकूफ दिखता हूं।”
– मुलायम दिल्ली पहुंचे और सीधे अमर सिंह के घर गए। यहां पार्टी वर्कर्स से भावुक होते हुए कहा, “मेरे पास गिनती के विधायक हैं। अखिलेश विद्रोही है, पर मेरा बेटा है। वो जो कर रहा है, उसे करने दो।”

अखिलेश गुट ने डेढ़ लाख से ज्यादा डॉक्युमेंट्स ईसी को सौंपे

– 7 जनवरी को सपा के सिंबल मामले में रामगोपाल यादव अपना पक्ष रखने के लिए इलेक्‍शन कमीशन के ऑफिस पहुंचे थे।
– यहां रामगोपाल 7 बक्सों में करीब डेढ़ लाख से ज्यादा डॉक्युमेंट्स भरकर लाए थे। रामगोपाल ने चुनाव आयोग के सामने 6 बक्‍सों में 4,600 व्‍यक्तिगत एफिडेविट पेश किए।

– उन्होंने कहा, “इलेक्शन कमीशन ने हमें 9 तारीख तक का वक्त दिया था। लेकिन हमने सभी जरूरी कागजात सबमिट कर दिए।”

– उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और साइकिल पर हमारा हक है।

Courtesy: Bhaskar.com

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