वेरिफिकेशन रिपोर्ट न मिलने पर वर्ल्ड बैंक ने रोका स्वच्छ भारत लोन

वेरिफिकेशन रिपोर्ट न मिलने पर वर्ल्ड बैंक ने रोका स्वच्छ भारत लोन

मुंबई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण (SBM-G) योजना के लिए वर्ल्ड बैंक ने एक अरब डॉलर के लोन की कोई किस्त जारी नहीं की है। इसका कारण यह है कि सरकार ने अपने वादे पूरे नहीं किए। देश के राज्यों को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए वर्ल्ड बैंक की ओर कर्ज दिया जाना था, लेकिन इसके लिए विभिन्न चरणों में वास्तविक परिणामों की स्वतंत्र जांच रिपोर्ट सौंपने की शर्त थी।

इसके तहत 14.7 करोड़ डॉलर की पहली किस्त जुलाई 2016 और 22.9 करोड़ डॉलर की दूसरी किस्त जुलाई 2017 में जारी की जानी थी। वर्ल्ड बैंक के एक अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार पहली डेडलाइन को पूरा नहीं कर सकी थी और यह दूसरी डेडलाइन को भी चूक सकती है। खुले में शौच को कम करने पर स्वतंत्र जांच सर्वेक्षण न हो पाने के कारण इस वर्ष जुलाई तक दो किस्तों में 37.6 करोड़ डॉलर का फंड नहीं मिल सकेगा। इस लोन का इस्तेमाल नहीं कर पाने के चलते सरकार को लोन की रकम का 0.5 पर्सेंट ‘कमिटमेंट फीस’ के तौर पर चुकाना होगा, जो 1.87 करोड़ डॉलर या 12.75 करोड़ रुपये बनता है।

2015 में सैंक्शन किया गया यह लोन सोशल सेक्टर में वर्ल्ड बैंक की ओर से अभी तक की सबसे बड़ी लेंडिंग है। स्वच्छता को लेकर यह योजना पिछली कोशिशों से अलग है क्योंकि इसमें व्यवहार को बदलने पर जोर दिया जा रहा है। वर्ल्ड बैंक के अधिकारी ने कहा, ‘यह चिंता की बात है कि सरकार लोन हासिल किए बिना कमिटमेंट फीस चुका रही है। लोन की किस्त जारी होने के बाद कमिटमेंट फीस कम हो जाएगी।’

ईटी को पता चला है कि मिनिस्ट्री ऑफ वॉटर सप्लाई ऐंड सेनिटेशन इस लोन के लिए इंडिपेंडेंट सर्वे कराने को लेकर काफी धीमी गति से चल रही है। मिनिस्ट्री ने अभी तक इसके लिए कंसल्टेंट भी हायर नहीं किया है। स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के डायरेक्टर, निपुण विनायक ने बताया, ‘वर्ल्ड बैंक की ओर से राज्यों को एक थर्ड पार्टी सर्वे के आधार पर परिणामों की पुष्टि के बाद प्रोत्साहन देना था। सर्वे के लिए एक एजेंसी को हायर करने का प्रोसेस अंतिम दौर में है। एजेंसी को एक महीने के अंदर कॉन्ट्रैक्ट दिया जाएगा। इसके बाद सर्वे को पूरा करने में लगभग 20 सप्ताह लगेंगे।’

वर्ल्ड बैंक ने ईटी को दिए एक आधिकारिक जवाब में कहा कि इंडिपेंडेंट वेरिफिकेशन एजेंसी से परिणामों के प्राप्त होने पर वह इस योजना के लिए तुरंत फंड जारी कर देगा। स्वच्छ भारत अभियान पर काम करने वाले अधिकारियों ने बताया कि तीन राज्य- झारखंड, आंध्र प्रदेश और गुजरात इस योजना को लेकर पीछे चल रहे हैं। पश्चिम बंगाल, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम का प्रदर्शन अभी तक अच्छा रहा है।

Courtesy: NBT
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