डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए ATM से केवल 3 निकासी ही रहेगी मुफ्त!

डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए ATM से केवल 3 निकासी ही रहेगी मुफ्त!
मुंबई
अभी एटीएम से बार-बार पैसे निकालने की छूट नहीं मिलने से आप परेशान हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि आगे यह परेशानी खत्म हो जाएगी। लेकिन, खबर यह है कि सरकार एटीएम से मुफ्त निकासी की संख्या को घटाकर महज 3 करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। अभी लोगों के महीने में 8-10 बार तक एटीएम से पैसा निकालने पर फी नहीं लगती है। इसमें दूसरे बैंकों के एटीएम से निकासियां भी शामिल हैं।

बैंकरों की ओर से आए इस ताजा प्रस्ताव पर वित्त मंत्री के साथ बजट से पहले की मीटिंग में चर्चा हुई थी। मामले की जानकारी रखने वालों ने बताया कि बैठक में राय यह बनी कि डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावा देने वाले कदमों में इसे शामिल किया जा सकता है। एक बैंकर ने कहा, ‘वित्त मंत्रालय के साथ फ्री एटीएम ट्रांजैक्शंस की संख्या को घटाकर प्रति महीने 3 करने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई है। इसे कैश का इस्तेमाल घटाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।’ एक अन्य प्राइवेट बैंकर ने कहा, ‘फ्री ट्रांजैक्शंस की व्यवस्था एक अलग दौर में की गई थी। अब हालात बदल गए हैं।’ उन्होंने कहा, ‘अगर तीन फ्री ट्रांजैक्शंस की इजाजत दी जाएगी तो लोग अधिक डिजिटल ट्रांजैक्शंस करेंगे।’
अभी ज्यादातर बैंक अपने कस्टमर्स को हर महीने 5 एटीएम ट्रांजैक्शंस की सुविधा फ्री देते हैं और इसके बाद प्रति ट्रांजैक्शन 20 रुपये की फी और सर्विस टैक्स लगता है। मुंबई, दिल्ली, चेन्नै, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद में बैंक दूसरे बैंकों के ग्राहकों को तीन फ्री एटीएम ट्रांजैक्शंस करने देते हैं। बाकी शहरों में ऐसे कस्टमर्स के लिए फ्री ट्रांजैक्शंस की संख्या 5 है। ये नियम नवंबर 2014 से लागू हैं।

ज्यादातर बैंकों के लिए नवंबर से एटीएम ट्रांजैक्शंस की संख्या घटकर 10 से 20 प्रतिशत रह गई है। अगर इनमें और कमी आती है तो एटीएम बिजनस की लागत बढ़ जाएगी। एक बैंकर ने कहा, ‘अगर एटीएम पर ट्रांजैक्शंस की संख्या घटती है तो हमें कैश का उपयोग घटाने के लिए रणनीति बनानी होगी।’ उन्होंने कहा, ‘कारोबार को चलाए रखने लायक बनाने के लिए एटीएम इस्तेमाल के शुल्क बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, सरकार ग्राहकों के लिए ट्रांजैक्शन कॉस्ट घटाना चाहती है। इसलिए चार्जेज बढ़ाने का कदम नहीं उठाया जा सकता है।’

अगर ग्राहक अपने बैंक के बजाय दूसरे बैंक के एटीएम का इस्तेमाल करे तो ऐसे ट्रांजैक्शन पर 15 से 20 रुपये तक की इंटरचेंज फी लगती है। यह फी कस्टमर का बैंक एटीएम मेंटेनेंस करने वाले बैंक को देता है। दूसरे एटीएम पर पहले तीन ट्रांजैक्शंस फ्री हैं, लेकिन इसके बाद बैंक यह लागत कस्टमर के सिर डाल देते हैं। पिछले सप्ताह ही नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा था कि कार्ड्स, एटीएम और पीओएस मशीनों का इस्तेमाल साल 2020 तक लगभग बंद हो जाएगा।

Courtesy: NBT
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