यूपी चुनाव : नामांकन से एक दिन पहले BSP विधायक पार्टी से निष्कासित

यूपी चुनाव : नामांकन से एक दिन पहले BSP विधायक पार्टी से निष्कासित

गाजियाबाद उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के नामांकन से ठीक पहले बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने साहिबाबाद से विधायक पंडित अमरपाल शर्मा को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। अमरपाल शर्मा को बाहर किये जाने की वजह उनका पार्टी के विरुद्ध कार्य करना बताया जा रहा है। नामांकन से ठीक पहले बसपा द्वारा इतना बड़ा कदम उठाया जाना एक चर्चा का विषय बना हुआ है।

गौरतलब है कि पंडित अमरपाल शर्मा गाजियाबाद की साहिबाबाद सीट से विधायक थे। जीत की संभावना के मद्देनजर इस बार भी अमरपाल को बसपा से टिकट मिला था।

 

गाज़ियाबाद बसपा के जिलाध्यक्ष प्रेमचंद भारती ने बताया कि अमरपाल शर्मा द्वारा पार्टी विरोधी कार्य के चलते उन्हें बाहर किया गया है।

यह हैं आरोप

  1. क्षेत्र के लोगों से तालमेल नहीं रखना

2.क्षेत्र के लोगों को समय नहीं देना

3.विधायक की कार्यशैली से लोगों में भारी गुस्सा

4.जनसभा, कैडर मीटिंग में शामिल नहीं होना

5.निजी कार्यों का बहाना बनाकर समय नहीं देना

कभी यह कहा था विधायक अमरपाल शर्मा ने

एक साक्षात्कार में विधायक अमरपाल शर्मा ने कहा था कि अमरपाल शर्मा शुरू से ही अमरपाल शर्मा था। मैंने जिस भी काम में हाथ डाला भोले बाबा की कृपा से उसे पूरा करके ही दम लिया। मंजिल को पाने के लिए न दिन देखा न रात देखी। राजनीति में आया दो-दो घंटे सोया, लेकिन अपनी मुहिम में लगा रहा।

जानें अमरपाल शर्मा के बारे में

साहिबाबाद से बसपा विधायक अमरपाल शर्मा पुत्र स्व श्यामलाल शर्मा का जन्म गाजियाबाद के लोनी स्थित जावली गांव में 1 जनवरी वर्ष-1969 को हुआ। पिता स्वर्गीय श्यामलाल गांव में खेती किया करते थे।

अमरपाल शर्मा की प्रारम्भिक शिक्षा पैतृक गांव जावली के प्राइमरी स्कूल से हुई इसके अलावा उन्होंने 10वीं व 12 वीं की पढ़ाई के आर इंटर कालेज से की। इसके अलावा श्री शर्मा ने दिल्ली के श्यामलाल डिग्री कालेज में भी दाखिला लिया और उन्होंने बीए प्रथम वर्ष की पढ़ाई पूरी की, लेकिन कुछ कारणों के चलते श्री शर्मा बीए द्वितीय वर्ष की पढ़ाई छोड़कर अपने व्यवसाय में जुड़ गये।

अमरपाल शर्मा की राजनीति में प्रवेश वर्ष-2006 में हुआ और उन्होंने वर्ष-2007 में हुए विधानसभा चुनाव में गाजियाबाद विधानसभा सीट पर बसपा से टिकट मांगा, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला, और उन्होंने वर्ष-2007 में विधानसभा चुनाव निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीता। वर्ष-2007 के विधानसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अमरपाल शर्मा ने अपनी मजबूत राजनैतिक छाप छोड़ी और 32 हजार से अधिक मत प्राप्त किए।

वर्ष-2007 का चुनाव हारने के बाद उन्होंने बसपा का दामन थाम लिया और बसपा सुप्रीमों मायावती ने उनकी राजनैतिक क्षमता को देखते हुए वर्ष-2009 में हुए लोकसभा चुनाव में वर्तमान में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के सामने बसपा के टिकट पर उतारा।

यह चुनाव भी अमरपाल शर्मा हार गए और उन्होंने लोकसभा चुनाव में बसपा प्रत्याशी के रूप में सर्वाधिक मत 1 लाख 82 हजार से अधिक मिले। इसके बाद भी अमरपाल शर्मा ने अपने धैर्य को नहीं टूटने दिया और उन्हें एक बार बसपा सुप्रीमों मायावती ने वर्ष-2012 में विधानसभा चुनाव में साहिबाबाद विधानसभा सीट से टिकट दिया और मैदान में उतारा।

साहिबाबाद विधानसभा सीट पर बसपा उम्मीदवार के रूप में अमरपाल शर्मा ने चौंकाने वाले परिणाम दिये और भाजपा की बताई जाने वाली साहिबाबाद विधानसभा सीट पर बसपा का परचम लहराया।

Courtesy: Jagran.com

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