मध्य प्रदेश के स्कूल-कॉलेजों को मंत्री जी का फरमान, पीएम नरेंद्र मोदी, विवेकानंद की तस्वीर नहीं लगाई तो भुगतना होगा अंजाम

मध्य प्रदेश के स्कूल-कॉलेजों को मंत्री जी का फरमान, पीएम नरेंद्र मोदी, विवेकानंद की तस्वीर नहीं लगाई तो भुगतना होगा अंजाम

मध्य प्रदेश के स्कूल, कॉलेज से लेकर हरेक शिक्षण संस्थान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्वामी विवेकानंद की तस्वीर लगाना अनिवार्य होगा। अगर किसी संस्थान में इनकी तस्वीरें नहीं पाई गईं तो उनके खिलाफ सरकार सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी। भाजपा शासित राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया ने अपने ताजा आदेश में सभी शिक्षण संस्थानों को आदेश जारी कर कहा है कि अपने-अपने संस्थान परिसर में पांच अहम लोगों की तस्वीर लगाएं। आदेश में यह भी कहा गया है कि निरीक्षण के दौरान अगर कोई संस्थान इसका उल्लंघन करते पाया गया तो उसके खिलाफ सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी। 7 जनवरी को जारी आदेश में कहा गया है कि शिक्षण संस्थान केन्द्र सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के फोटो विभाग से हस्तियों की तस्वीरें प्राप्त कर सकते हैं।

हिन्दुस्तान टाइम्स के मुताबिक मंत्री जी के आदेश के मुताबिक जिन पांच हस्तियों की तस्वीर शिक्षण संस्थानों और शिक्षा से जुड़े कार्यालयों में लगाई जानी है उनमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अलावा, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, स्वामी विवेकानंद और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर शामिल हैं। स्कूली एवं उच्च शिक्षा विभाग ने मंत्री जी के आदेश के मुताबिक सरकारी सर्कुलर सभी संस्थानों को भेज दिया है। उच्च शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आशीष उपाध्याय ने बताया कि मंत्री जी ने राज्य के सभी शिक्षण संस्थानों और कार्यालयों को पांच हस्तियों की तस्वीर लगाने को अनिवार्य कर दिया है।

इधर, विपक्ष इस फैसले को संघ के दबाव में लिया गया फैसला बताकर इसकी आलोचना कर रहा है। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि संघ अब सरकारी काम काज में अपनी विचारधारा थोपने लगा है। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता के के मिश्रा ने कहा कि ये लोग स्वामी विवेकानंद को सिर्फ इसलिए अपनी मुहिम से आत्मसात कर रहे हैं क्योंकि उनकी विचारधारा संघ से मिलती-जुलती रही है।

कई सामाजिक संगठनों ने भी सरकार के इस कदम की आलोचना की है। सामाजिक कार्यकर्ताओं के मुताबिक किसी भी शिक्षण संस्थान में देश के पहले उप राष्ट्रपति और मशहूर शिक्षाविद् सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन, पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और पूर्व राष्ट्रपति और मशहूर वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की तस्वीर लगाई जानी चाहिए जिससे कि बच्चों को प्रेरणा मिल सके। कुछ सामाजिक संगठन हिन्दू संत और महान दार्शनिक स्वामी विवेकानंद की तस्वीर अनिवार्य करने के पीछे के तर्क को नहीं समझ पा रहे हैं। बच्चों के अधिकार के लिए काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत दूबे का मानना है कि अगर सरकार सचमुच बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना चाहती है तो सर्वपल्ली राधाकृष्णन और सावित्राबाई फूले की तस्वीर को अनिवार्य करना चाहिए था जिन्होंने शिक्षा के लिए बहुत योगदान दिया है।

Courtesy:jansatta 

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