लखनऊ-कानपुर में आज रिजर्व बैंक का घेराव करेगी कांग्रेस

लखनऊ  नोटबंदी के बाद नकदी निकालने की सीमा तय करने और 31 मार्च तक पुराने बंद नोट बदलने की पहले कही गई बात से मुकरने के विरोध में कांग्रेस ने बुधवार को लखनऊ और कानपुर में रिजर्व बैैंक का घेराव करने की तैयारी की हैै। यह विरोध पूरे देश की सभी आरबीआइ शाखाओं पर भी होगा। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान रिजर्र्व बैैंक से पूछा जाएगा कि किस कानून के तहत उसने अपना ही पैसा निकालने को लेकर लोगों पर प्रतिबंध लगा रखा है। मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए प्रमोद तिवारी व कांग्रेस के पूर्व सांसद जेपी अग्रवाल ने बताया कि देश भर में बुधवार को होने वाले प्रदर्शन के बाद राज्य स्तरीय कार्यक्रम होगा और फिर जिलों मेें विकास खंडों में चौपाल लगा कर सवाल उठाया जाएगा। चौपालों में प्रधानमंत्री के लिए भी कुर्सी रखी जाएगी। तिवारी ने कहा कि अपने ही खाते से रकम निकासी पर रोक मूलभूत अधिकारों को समाप्त करने जैसा ही है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी से औद्योगिक गतिविधियां और ग्रोथ, दोनों प्रभावित हुई हैैं। बैैंकों में जमा हुए 15 लाख करोड़ रुपये पर आरबीआइ ने ब्याज देने से मना कर दिया है, जबकि बैैंकों को इसका ब्याज लोगों को देना होगा। कांग्रेस नेताओं ने कैशलेस लेनदेन पर कमीशन को सदी का सबसे बड़ा घोटाला बताया। तिवारी ने आरोप लगाया कि कुछ बड़े भाजपा नेताओं की छत्रछाया में ही कैशलेस का घोटाला हो रहा है। गठबंधन पर फैसला जल्द सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन पर सांसद प्रमोद तिवारी ने बताया कि कांग्रेस की ओर से गुलाम नबी आजाद और शीला दीक्षित तथा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गठबंधन का संकेत दे चुके हैैं। इसलिए अब एक-दो दिन में इस पर कुछ तय हो सकता है। सीटों के बंटवारे पर भी तिवारी ने कहा कि वार्ता चल रही है। हालांकि कांग्रेस के ’27 साल यूपी बेहाल के नारे और राहुल गांधी की खाट सभा में प्रदेश की कानून व्यवस्था पर उठे सवालों से कांग्रेसी नेता बचते नजर आए। तिवारी ने इतना ही कहा कि यह सवाल तब पूछिएगा, जब गठबंधन हो जाए। इसी बीच वहां मौजूद कुछ लोगों ने चुटकी ली कि गठबंधन के बाद सपा के पांच साल घटा कर ’22 साल यूपी बेहाल का नारा किया जाएगा क्या..? कांग्रेस के नेता इस सवाल को भी हंस कर टाल गए।

Courtesy: Jagran.com

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