सपा-कांग्रेस गठबंधन: जब अखिलेश यादव बोले-9 नंबर पसंद होने के चलते फंसा था पेंच

सपा-कांग्रेस गठबंधन: जब अखिलेश यादव बोले-9 नंबर पसंद होने के चलते फंसा था पेंच

नई दिल्‍ली: पिछले दो दिनों से लखनऊ के सियासी हलकों में सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन सबसे बड़ी चर्चा का विषय बना हुआ है. इस मसले पर पहली बार लखनऊ के एक कार्यक्रम में सोमवार को अखिलेश यादव ने चुप्‍पी तोड़ी है. दरअसल एक कार्यक्रम में जब अखिलेश यादव से पूछा गया कि आखिर किस आधार पर वह कांग्रेस को 99 सीटें देना चाहते थे? क्‍या इसका कारण यह था कि वह कांग्रेस को तीन अंकों (मसलन 100) पर सीटें नहीं देना चाहते थे?

इस सवाल का बड़ा साफगोई से जवाब देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि दरअसल उनको नौ अंक कई वजहों से बेहद पसंद है. इसलिए वह कांग्रेस को नौ अंकों वाली 99 सीटें देने पर सहमत थे. इस पर जब उनसे पूछा गया कि अब तो कांग्रेस को 105 सीटें आपने दे दी हैं तो इस पर भी वह बोले कि 105 अंकों का जोड़ 6 होता है और यदि इसको उलटा कर दिया जाए तो यह नौ हो जाता है. इस‍ लिहाज से उन्‍होंने अपनी पसंद के अंक पर ही दांव आजमाया है.

परोक्ष रूप से इसको ज्‍योतिषीय अंक से जोड़ने के सवाल पर उन्‍होंने विपक्षी बीजेपी पर चुटकी लेते हुए कहा कि बीजेपी वाले तो पता नहीं क्‍या-क्‍या ज्‍योतिषीय नुस्‍खे आजमाते हैं, उन्‍होंने तो केवल अंकों के आधार पर ही फैसला किया है.

उल्‍लेखनीय है कि राज्‍य की 403 विधानसभा सीटों पर सपा और कांग्रेस के बीच रविवार देर शाम को दोनों दलों के बीच गठबंधन की मुहर लग गई है. इसके तहत सपा 298 और कांग्रेस 105 सीटों पर अपने उम्‍मीदवार उतारने जा रही है.

राजनीतिक विश्‍लेषक इस चुनाव पूर्व गठबंधन को सियासी मास्‍टर स्‍ट्रोक करार दे रहे हैं. माना जा रहा है कि सपा ने अल्‍पसंख्‍यक मतों को अपने पाले में जोड़े रखने की गरज और बसपा द्वारा सर्वाधिक 97 प्रत्‍याशियों के उतारे जाने के कारण यह फैसला किया है. वहीं पिछले 28 वर्षों से सूबे की सत्‍ता से बाहर कांग्रेस, अखिलेश की स्‍वच्‍छ और ईमानदार छवि के बूते अपने चुनावी वैतरणी पार लगाना चाहती है.

Courtesy:NDTV

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