गोवा विधानसभा चुनाव: चर्च ने लोकतंत्र पर खतरे को लेकर चेताया, केंद्र सरकार की नीतियों पर भी निशाना साधा

गोवा विधानसभा चुनाव: चर्च ने लोकतंत्र पर खतरे को लेकर चेताया, केंद्र सरकार की नीतियों पर भी निशाना साधा

गोवा में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनदर गोवा के कैथलिक चर्च ने बीते रविवार (20 जनवरी) को लोगों से चनाव में वोट डालने की अपील की है। चर्च ने लोगों से कहा है कि वोट डालते समय सभी नागरिक जिम्मेदारी के साथ वोट डाले और इस काम में लापरवाही न करें। चर्च ने लोगों से कहा है कि वोट करना नैतिक कार्य है। चर्च ने अपील करते हुए कहा, “हम जैसा बीज बोते हैं वैसी ही फसल काटते हैं। चुनाव के समय जैसे वोट करेंगे वैसी ही सरकार-प्रशासन हम पाएंगे। ऐसे में वोटिंग करते समय लापरवाही न करें”। वहीं गौर करने वाली बात यह है कि चर्च ने अपनी एडवाइजरी में केंद्र सरकार के शासन पर इशारों ही इशारों में निशाना साधा है।

चर्च ने कहा है कि किसी सरकार का न्यायिक, शैक्षणिक और फाइनैन्शियल संस्थानों के कामों में हस्तक्षेप करना प्रशासन चलाने का अच्छा संकेत नहीं हो सकता। इसके अलावा एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि लोग असहमति या विरोध को दबाने की कोशिश करने वालों पर चुप्पी साधे नहीं रह सकते। असहमति या विरोध करने वालों को राष्ट्रविरोधी का तमगा देने वालों पर जिम्मेदार नागरिक अपना पल्ला नहीं झाड़ सकते। वहीं चर्च ने केंद्र सरकार की डिजिटाइजेशन की नीति पर भी चिंता जताते हुए कहा है कि लोगों को रोटी, कपड़ा और मकान जैसी बुनियादी सुविधाएं देने के बजाए कैशलेस इकॉनमी,स्मार्टफोन, डेबिट-क्रेडिट कार्ड देने की बातें करना चिंताजनक स्थिति है। एडवाइजरी के मुताबिक लोगों की सामाजिक स्थिति को सुधारने के बजाए डिजिटाइजेशन की बातें करना चिंताजनक बात है।

गोवा आगामी विधानसभा चुनावों के लिए 4 फरवरी 2017 को वोटिंग होनी है। वहीं राज्य की 26 फीसद आबादी ईसाई धर्म का पालन करती है। वहीं चर्च लंबे समय से चुनावों के दौरान लोगों को गाइड करने का काम कर रहे हैं। वहीं साउथ गोवा में कैथलिक्स की काफी मौजूदगी है।

Courtesy:Jansatta 

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