UP के चुनावी दंगल में बिगड़े BJP नेताओं के बोल, ‘जीतने के बाद मुसलमानों को सताने का किया वादा’

UP के चुनावी दंगल में बिगड़े BJP नेताओं के बोल, ‘जीतने के बाद मुसलमानों को सताने का किया वादा’

लखनऊ। यूपी में चुनाव के नज़दीक आते ही विवादित और भड़काऊ बयानबाज़ियों का दौर शुरू हो गया है। बीजेपी के तीन फायर-ब्रांड नेताओं ने एक के बाद विवादित बयान देकर प्रदेश के सियासी गलियारे में नए विवाद को जन्म दे दिया है।

पहले हम बात करते हैं यूपी के थाना भवन सीट से बीजेपी के उम्मीदवार सुरेश राणा की। जिन्होंने अपनी एक चुनावी रैली के दौरान कहा कि अगर वह जीत गए तो कैराना, देवबंद और मुरादाबाद में कर्फ़्यू लगा देंगे। बता दें कि कैराना, देवबंद और मुरादाबाद मुस्लिम बहुल इलाके हैं।

बयान पर सफाई देते हुए राणा ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गुंडों के डर से बड़ी मात्रा में लोगों का पलायन हुआ। मैंने सिर्फ इतना कहा है कि जो गुंडे या माफिया हैं, जिनके कारण लोग पलायन कर रहे हैं, जब बीजेपी की सरकार आएगी तो वह पलायन करेंगे।

सुरेश राणा के बारें में बता दें कि 2013 में हुए मुजफ्फरनगर दंगों में इन्होंने दंगों को भड़काने में मीडिया की खूब सुर्खियां बटोरी थीं। राणा यूपी बीजेपी के उपाध्यक्ष भी हैं।

वहीं सूबे की चुनावी फिज़ा में दूसरा विवादित बयान केन्द्रीय मंत्री और मुजफ्फनगर से लोकसभा सांसद संजीव बालियान की तरफ से आया है। उन्होंने प्रदेश की सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया मुलायम सिंह यादव पर आपत्तिजनक बयान दिया है।

बालियान ने कहा, ” मुलायम ने हमेशा सांप्रदायिकता की राजनीति की। मैं उनसे कहना चाहूंगा अब तो मरने का समय आ गया, जीने का समय रहा नहीं। समाजवादी पार्टी इस चुनाव में दफन हो जाएगी।”

इसी फेहरिस्त में तीसरा नाम बीजेपी के सांसद रमेश बिधूड़ी का है। जिन्होंने बालियान से एक कदम और आगे निकलकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और बीएसपी प्रमुख मायावती के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया।

बिधुड़ी ने कहा, एक बच्चे के जन्म के लिए 9-10 महीने तक इंतेज़ार किया जाता है। पांच सात महीने में बहु के साथ बच्चा आ जाए तो कैसा लगेगा? अब ये संस्कार तो कांग्रेस और मायावती के खानदान में होते होंगे। भारतीय संस्कृति में तो ये संस्कार नहीं।

गौरतलब है कि यूपी के इस चुनाव में बीजेपी की साख दांव पर लगी है। ऐसे में बीजेपी नेता चुनाव जीतने के अपने पारंपरिक हथकंडों के प्रयोग में जुट गए हैं।

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