नोटबंदी के बाद आज ही पेश होगा मोदी सरकार का पहला बजट, राष्ट्रपति से मिलकर संसद पहुंचे अरुण जेटली

नोटबंदी के बाद आज ही पेश होगा मोदी सरकार का पहला बजट, राष्ट्रपति से मिलकर संसद पहुंचे अरुण जेटली

नई दिल्ली. अरुण जेटली बजट बैग लेकर संसद पहुंच चुके हैं। बुधवार सुबह 11 बजे लोकसभा में वे आम बजट पेश कर करेंगे। इससे पहले वे राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मिलने पहुंचे थे। वे अपनी स्पीच के बाद वे ट्विटर पर आम लोगों के बजट से जुड़े सवालों के जवाब भी देंगे। इस बार बजट में दो बातें पहली बार होने जा रही हैं। वहीं, जेटली से कई सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है। नजर सर्विस टैक्स और इनकम टैक्स स्लैब से जुड़े एलान पर रहेगी। क्या होने वाला है पहली बार, किस पर रहेगी नजर, किन सवालों के मिलेंगे जवाब.

– अरुण जेटली राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मिलने पहुंचे।

– बजट की कॉपी संसद परिसर पहुंची।

– अरुण जेटली फाइनेंस मिनिस्ट्री से बजट बैग लेकर निकले।

ये दो बातें होंगी पहली बार
1. 93 साल में पहली बार रेल बजट अलग से पेश नहीं हाेगा
– ऐसा पहली बार हाेगा जब रेल बजट को आम बजट में मर्ज होगा। 1924 में अंग्रेजों के वक्त से 2016 तक रेल बजट अलग से पेश किया जाता रहा है।
– नीति आयोग के मेंबर बिबेक देबरॉय और किशोर देसाई की कमेटी ने रेल बजट खत्म करने की सिफारिश की थी।

  1. आम बजट पहली बार 1 फरवरी को पेश होगा
    – 1924 से आम बजट फरवरी की आखिरी तारीख को पेश होता आ रहा है। इस बार ऐसा पहली बार होगा जब बजट फरवरी की पहली तारीख को पेश होगा।
    – ऐसा इसलिए किया गया है ताकि सालाना खर्च से जुड़े प्लान और प्रपोजल्स को अगला फाइनेंशियल ईयर शुरू होने से काफी पहले संसद की मंजूरी मिल सके।

इन सवालों के मिलेंगे जवाब
1# क्या इनकम टैक्स स्लैब में होगा बदलाव?
– अभी 2.5 लाख रुपए तक कोई टैक्स नहीं लगता। 2.5 से 5 लाख रुपए की इनकम पर 10% टैक्स लगता है।
– 5 से 10 लाख रुपए की इनकम पर 20% टैक्स लगता है। 10 लाख रुपए से ज्यादा की इनकम पर 30% टैक्स लगता है।
– सभी स्लैब में इनकम टैक्स पर 3% एजुकेशन सेस भी लगता है।
– बजट में इनकम टैक्स में छूट 2.5 लाख से बढ़कर तीन लाख रुपए सालाना हो सकती है।
– 80C के तहत अभी आप 1.5 लाख रुपए और नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) के साथ 2 लाख रुपए की छूट ले सकते हैं। यह लिमिट बढ़ाकर 80C के तहत 2 लाख और NPS के तहत ढाई लाख रुपए बढ़ाई जा सकती है।
– होम लोन के इंटरेस्ट पर अभी 2 लाख की छूट मिलती है। इसे बढ़ाकर 2.5 लाख रुपए किया जा सकता है।
– इस तरह अभी आप 80C, NPS और होम लोन के इंटरेस्ट को मिलाकर जो 6.5 लाख रुपए सालाना की छूट ले सकते हैं, वह बढ़कर 8 लाख रुपए हाे सकती है।

2# सर्विस टैक्स का क्या होगा? क्या महंगी होंगी सेवाएं?
– अरुण जेेटली बजट में सर्विस टैक्स को मौजूदा 15% से बढ़ाकर 16-18% करने का एलान कर सकते हैं।
– इसका मकसद इसकी दर को GST के लिए प्रपोज्ड रेट्स के करीब लाना है। GST को 1 जुलाई से लागू करने का टारगेट रखा गया है।
– सर्विस टैक्स बढ़ता है तो बजट के बाद रेस्त्रां में खाने का बिल, फोन बिल, हवाई सफर समेत तमाम सेवाएं महंगी हो सकती हैं।
– ये चौथा मौका होगा जब जेटली सर्विस टैक्स बढ़ाएंगे।
– पिछले बजट में सर्विस टैक्स से 2.31 लाख करोड़ रुपए हासिल होने का अनुमान लगाया गया था।
– यह केंद्र के कुल 16.30 करोड़ रुपए के टैक्स रेवेन्यू के बजट अनुमान के 14% के बराबर है।

3# रेलवे से जुड़े क्या नए एलान होंगे?
– टिकट महंगा होने के आसार नहीं हैं। लेकिन टिकटों पर करीब 50 कैटेगरी में मिलने वाली छूट के लिए आधार नंबर जरूरी किया जा सकता है।
– दिल्ली-हावड़ा और दिल्ली मुंबई रूट पर 200km की रफ्तार से ट्रेन चलाने का प्लान।
– रेलवे में सेफ्टी के लिए 20 हजार करोड़ रुपए देने का एलान हो सकता है।
– कैशलेस ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए देशभर के स्टेशनों पर 1000 प्वाइंट ऑफ सेल (PoS) मशीनें लगाने का एलान हो सकता है।

4# क्या कैश ट्रांजैक्शन पर लगेगा चार्ज?
– बजट में जेटली बैंक कैश ट्रांजैक्शन टैक्स का एलान कर सकते हैं।
– इसके तहत 50 हजार रुपए से ज्यादा के विदड्रॉअल या कैश ट्रांजैक्शन पर यह 1 से 2% टैक्स लग सकता है।
– इसका मकसद यह है कि लोग कैश में लेनदेन से बचें और डिजिटल पेमेंट का मोड अपनाएं।
– देश में डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावा देने के लिए बनी कमेटी ने भी ऐसी ही सिफारिश की थी।
– यह भी माना जा रहा है कि सरकार 5 या 10 लाख रुपए से ज्यादा के कैश ट्रांजैक्शन पर बैन भी लगा सकती है।

5# क्या सस्ता होगा?
– सरकार देश में किसी भी मिल में बनने वाली चीनी पर एक्साइज ड्यूटी के रूप में प्रति क्विंटल 124 रुपए सेस वसूलती है। सेस से मिलने वाली रकम से शुगर डेवलपमेंट फंड बनाया गया है।
– बजट पर अगर यह सेस वापस लिया जाता है तो चीनी 1.24 रुपए प्रति किलो सस्ती हो सकती है। थोक बाजार में चीनी अभी 40 रुपए प्रति किलो के आसपास बिक रही है।

6# कॉर्पोरेट टैक्स का क्या होगा?
– काॅर्पोरेट टैक्स में दो फीसदी की कमी की जा सकती है। इससे मौजूदा दर 30% से घटकर 28% रह सकती है।
– सरकार का टारगेट 2018-19 तक काॅर्पोरेट टैक्स को 25 फीसदी पर लाने का है।

7# क्या यूनिवर्सल बेसिक इनकम लागू होगी?
– इकोनॉमिक सर्वे में इसका जिक्र किया गया है। सरकार गरीबों के लिए यूनिवर्सल बेसिक इनकम (यूबीआई) लागू करने पर जोर दे सकती है। यानी हर गरीब मिनिमम इनकम का हकदार होगा।
– यूबीआई के लिए जनधन खाता, आधार और मोबाइल जरूरी होगा। इससे गरीबी 0.5% तक लाने में जीडीपी के 4-5% का खर्च आएगा। इसमें केंद्र-राज्य दोनों हिस्सेदारी करेंगे।
– अभी तमाम सब्सिडी पर जीडीपी का करीब 3% खर्च होता है। सर्वे में कहा गया है कि इसे अभी लागू करना भले मौजूं न हो, इस पर गंभीर चर्चा का यह सही समय है।
– गरीबी मिटाने के लिए इकोनॉमिक सर्वे-2017 में जिस यूनिवर्सल बेसिक इनकम स्कीम का सुझाव दिया गया है, उसके लिए सबसे पहले सर्वे इंदौर जिले के 9 गांवों में हुआ।
– अहमदाबाद की एनजीओ सेवा की मप्र सेक्रेटरी और सेवा भारत की सचिव शिखा जोशी की टीम ने इसे 2010 से 2016 तक इंदौर में बतौर पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया था।

8# मकानों के लिए क्या हो सकते हैं एलान?
– मोदी ने 31 दिसंबर को देश के नाम संबोधन देकर कई एलान किए थे। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहरों में घर बनाने के लिए 9 लाख रुपए तक के कर्ज पर ब्याज में 4% और 12 लाख रुपए तक के कर्ज पर ब्याज में 3% की छूट देने की बात कही थी।
– जो लोग गांव में घर बनाना चाहते हैं या पुराने घर में एक-दो कमरे या मंजिल बनाना चाहते हैं, उन्हें दो लाख रुपए तक के कर्ज में 3% ब्याज की छूट देने का एलान किया था।
– जेटली की स्पीच में इसके लिए भी अलग से बजट का एलान हो सकता है।

 

Courtesy: Bhaskar.com

Categories: India

Related Articles