पाकिस्तान और चीन से खतरे के बावजूद अरुण जेटली ने 1 प्रतिशत कम कर दिया रक्षा बजट

पाकिस्तान और चीन से खतरे के बावजूद अरुण जेटली ने 1 प्रतिशत कम कर दिया रक्षा बजट

इन दिनों जहां सभी देश अपनी-अपनी ताकत बढ़ाने में जुटे हैं, वहीं भारत ने 2017-18 में रक्षा बजट में कटौती की है। पिछले वित्त वर्ष (2016-17) में भारत का रक्षा बजट यूं तो  2,49000 करोड़ था, जो इस साल 2,74000 करोड़ हो गया। 2016-17 का आम बजट 19,78,060 करोड़ रुपये का था, जबकि इस साल का कुल बजट 21.47 करोड़ रुपये का है, जिसमें रेल बजट भी शामिल है। लेकिन अगर आंकड़ों की बात करें तो जहां 2016-17 में 1 रुपये में से 10 पैसे रक्षा मंत्रालय के लिए रखे गए थे, वहीं इस साल के बजट में कुल 9 पैसे ही रक्षा के लिए तय हो पाए हैं।

वहीं इस बजट में वित्त मंत्री ने एेला न किया है कि एक सेंट्रल डिफेंस ट्रैवल सिस्टम बनाया गया है, जिसके जरिए सैनिक अॉनलाइन टिकट बुक कर सकता है। उन्होंने कहा कि पेंशन पाने वाले लोगों के लिए एक वेब आधारित डिफेंस पेंशन डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम भी तैयार किया जाएगा। साल 2016-17 के बजट में उससे पिछले वित्त वर्ष में 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी। जबकि उससे पिछले वित्त वर्ष में 10.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी।
जेन डिफेंस बजट की रिपोर्ट के मुताबिक भारत रक्षा पर खर्च करने वाले देशों में चौथे नंबर पर है। पड़ोसी देशों से बढ़ रहे तनाव की संभावना को देखते हुए भारत इस साल अपने रक्षा बजट को 2016 के 50.7 बिलियन डॉलर के मुकाबले और बढ़ा सकता है।

बता दें कि वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने आम बजट में मिडिल क्‍लास को राहत देते हुए इनकम टैक्‍स को घटा दिया है। इसके तहत 2.5 से 5 लाख रुपये की सालाना आय पर अब पांच प्रतिशत टैक्‍स लगेगा। वर्तमान में यह दर 10 प्रतिशत है। वित्‍त मंत्री ने आगे बताया कि तीन लाख रुपये तक की सालाना आय पर कोई टैक्‍स नहीं लगेगा। तीन लाख से साढ़े तीन लाख तक की आय वाले के लिए कर देयता 2500 रुपये होगी। यदि धारा 80 सी के तह‍त डेढ़ लाख की सीमा निवेश के लिए प्रयोग की जाती है तो साढ़े चार लाख रुपये की आय वाले लोगों के लिए कर शून्‍य होगा। वहीं 50 लाख से एक करोड़ की सालाना आय पर 10 प्रतिशत सरचार्ज लगेगा। वहीं एक करोड़ रुपये से ज्‍यादा कमाने वालों पर 15 प्रतिशत सरचार्ज लगेगा। जेटली ने घरों में कैपिटल गेन्‍स की सीमा को 3 से घटाकर दो साल कर दिया है। छोटी कंपनियों के लिए टैक्‍स 30 से घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है। आंध्र प्रदेेश में जमीन पर कैपिटल टैक्‍स नहीं।

Courtesy:jansatta 

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