बजट 2017: ममता बनर्जी ने बजट को बताया विवादास्पद, अनुपयोगी, आधारहीन, मिशनविहीन

बजट 2017: ममता बनर्जी ने बजट को बताया विवादास्पद, अनुपयोगी, आधारहीन, मिशनविहीन

नई दिल्ली: वित्तमंत्री अरुण जेटली ने आज बजट पेश कर दिया है. इस बजट का भ्रामक बताते हुए ममता बनर्जी ने दावा किया कि इसमें कोई रोडमैप नहीं है और यह केवल आंकड़ों और खोखले शब्दों की बाजीगरी है. ममता बनर्जी ने ट्वीट किया है कि, विवादास्पद बजट 2017 अनुपयोगी, आधारहीन, मिशनविहीन और क्रियाहीन है. सरकार की ओर से देश के लिए या भविष्य के लिए कोई रोडमैप नहीं रखा गया है और यह सरकार अपनी पूरी विश्वसनीयता खो चुकी है.

उन्होंने कहा, करदाताओं के लिए धन निकासी पर पाबंदी अब भी लागू हैं. तत्काल सारी पाबंदियां हटाई जाएं और नोटबंदी के आंकड़े कहां हैं? भ्रामक आंकड़ों और खोखले शब्दों की बाजीगरी से भरा जिसका कोई मलतब नहीं है. नोटबंदी के खिलाफ प्रदर्शन जारी रखते हुए तृणमूल कांग्रेस ने कल से शुरू हुए संसद के बजट सत्र के पहले दो दिन संसद में उपस्थित नहीं रहने का फैसला किया है.

पुद्दुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी ने कहा कि बजट ‘समग्र तरीके से, सक्रियता से काम कर रही सरकार का परिणाम है. उन्होंने ट्वीट किया, ‘भारत सुरक्षित हाथों में है और हम आभारी हैं. संसाधनों का इष्टतम उपयोग नए बजट की बुनियाद बन गया है. बेदी ने ट्विटर पर वित्त मंत्री अरुण जेटली को बधाई दी.
गौरतलब है कि वित्तमंत्री अरुण जेटली ने आज बजट पेश करते हुए कहा कि हम नीतिगत प्रशासन की ओर बढ़े हैं. हमारा फोकस युवाओं की तरक्‍की पर है. पिछले ढाई सालों में शासन के तरीकों में बदलाव आया है.बजट में राजनीतिक दलों के चंदे पर अंकुश लगाने से जुड़ा अहम फैसला लिया गया है. राजनीतिक दल अब 2000 से ज्यादा का चंदा कैश में नहीं ले सकेंगे. वहीं 3 लाख रुपये से ज्यादा के नकद लेन-देन पर रोक लगा दी गई है. रेलवे में नई लाइनों के साथ सुरक्षा पर फोकस किया गया है, जिसके लिए 1 लाख करोड़ के बजट का प्रावधान है. यही नहीं IRCTC पर टिकट बुकिंग से सर्विस टैक्स हटा लिया गया है. मीडिल क्लास को राहत देते हुए अब 2.5 लाख से 5 लाख तक की आयकर सीमा 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है.

Courtesy:NDTV

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