CM बनने पर शशिकला के सामने 5 चैलेंज, कभी जया को जहर देने का लगा था आरोप

CM बनने पर शशिकला के सामने 5 चैलेंज, कभी जया को जहर देने का लगा था आरोप

चेन्नई.शशिकला नटराजन तमिलनाडु की नई सीएम होंगी। जयललिता के निधन के ठीक दो महीने बाद रविवार को हुई AIADMK विधायक दल की मीटिंग में उन्हें नेता चुना गया। इसके बाद मौजूदा सीएम पन्नीरसेल्वम ने अपना इस्तीफा गवर्नर को भेज दिया। शशिकला ने कभी वीडियो पार्लर चलाने से लेकर अब सीएम चुने जाने तक का सफर तय कर लिया है लेकिन उनके सामने कई चैलेंज आ सकते हैं। वे जयललिता जैसी लोकप्रिय नहीं हैं। उनके जैसा जन समर्थन नहीं है। इतना ही नहीं, उन पर जयललिता को जहर देने का आरोप भी लग चुका है।क्या हैं शशिकला के सामने 5 चुनौतियां…

  1. जयललिता जैसी लोकप्रियता नहीं, इसलिए मुश्किल ज्यादा

– शशिकला का प्लस प्वाइंट सिर्फ जया की करीबी होना है। जया जैसा जनाधार और स्टेट्समैनशिप यानी सियासी गुर उनके पास नहीं है।
– गांवों और गरीबों में बेहद कम फेस वैल्यू है। चुनाव में कार्यकर्ताओं के साथ ट्यूनिंग बेहद मुश्किल होगी।
– शशिकला थेवर समुदाय से हैं, जो बड़ा वोट बैंक है। पन्नीरसेल्वम भी थेवर हैं। शशिकला को कम फायदा होगा।

  1. चुनाव तक फूट को रोकना होगा

– शशिकला पहले भी पावर सेंटर थीं। अभी विधायक चुनाव नहीं चाहते। उनके पास अभी जिताऊ चेहरा नहीं है। लेकिन साढ़े 3 साल बाद चुनाव हैं।

– थंबीदुरई, पन्नीरसेल्वम, वीएस चंद्रलेखा जैसे बड़े चेहरे विद्रोह कर सकते हैं। संभव है ये जया की रिश्तेदार दीपा के नेतृत्व में नया मोर्चा खोल दें।

  1. 45 साल पुरानी पार्टी की तीसरी बड़ी नेता बन पाएंगी?

– जया की मौत के 62 दिन बाद ही शशिकला सत्ता के शीर्ष पर पहुंच गईं। जबकि जया को एमजीआर की मौत के 13 महीने बाद पार्टी का सबसे बड़ा पद मिला था।
– 1972 में एमजीआर ने डीएमके से अलग हो अन्नाद्रमुक बनाई थी। दाे ही नेता रहे। एमजीआर और जया। 45 साल बाद पार्टी में अब शशिकला तीसरा बड़ा चेहरा होंगी। लेकिन उन्हें एमजीआर और जया जैसे अपना राजनीतिक कद बढ़ाना होगा।

  1. वोटरों के बीच निगेटिव इमेज से बचना होगा, कभी लगा था जहर देने का आरोप

– शशिकला दो दशक तक जयललिता की परछाईं की तरह रहीं। लेकिन 2011 में आरोप लगा कि शशिकला ने पति नटराजन को सीएम बनाने के लिए जयललिता को धीमा जहर देकर मारने की कोशिश की।
– इसके बाद जयललिता ने शशिकला को अपने घर और पार्टी से निकाल दिया। यह अलगाव 100 दिन चला। शशिकला के माफी मांगने पर जयललिता ने उन्हें दोबारा दोस्त के तौर पर अपना लिया।
– जब जयललिता का निधन हुआ तो शशिकला ने ही भतीजे दीपक के साथ अंतिम संस्कार की रस्में निभाई। सीएम पन्नीरसेल्वम की बजाय शशिकला अम्मा के ज्यादा नजदीक नजर आईं।
– वोटरों के बीच यही इमेज मजबूत करनी होगी।

  1. DMK से सीधी लड़ाई, स्टालिन से मुकाबला और BJP से चुनौती

– शशिकला को डीएमके के वर्किंग प्रेसिडेंट एमके स्टालिन से कड़ी टक्कर मिलेगी। स्टालिन का कहना है कि शशिकला लोगों की इच्छा के विरुद्ध सीएम बन रही हैं। जनता हो या जयललिता, शशिकला किसी की पसंद नहीं हैं।
– शशिकला के सामने चुनौती बीजेपी की तरफ से भी आ सकती है। पन्नीरसेल्वम के सीएम बनने तक बात ठीक थी, लेकिन शशिकला का सीएम बनना बीजेपी को परेशानी में डाल सकता है। जयललिता के निधन के बाद बीजेपी उम्मीद कर रही थी कि वे एआईएडीएमके को आसानी से अपने पाले में कर सकती है।

मैं अम्मा के सपनों को पूरा करूंगी- शशिकला

– विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद शशिकला ने रविवार को बताया कि पन्नीरसेल्वम ने मुझसे पहली बार पार्टी का जनरल सेक्रेटरी और सीएम की पोस्ट संभालने को कहा था।

– शशिकला बोलीं, “तब अम्मा (जयललिता) गुजर चुकी थीं और और मैं ऐसी मानसिक स्थिति में नहीं थी कि किसी की बात सुन सकूं। पार्टी नेताओं के कहने पर मैंने जनरल सेक्रेटरी की पोस्ट संभाली।”
– “कैडर फिर ये कहने लगे कि जनरल सेक्रेटरी और सीएम, दोनों एक ही व्यक्ति को होना चाहिए। मैंने इस बात को स्वीकार कर लिया।”
– “मैं अम्मा के सपनों को पूरा करूंगी और ये भरोसा दिलाती हूं कि सरकार गरीबों की भलाई के लिए काम करेगी।”
– उन्होंने कहा, “जब भी पार्टी मुश्किल वक्त से गुजरी और अम्मा को सीएम बने रहने में मुश्किलें आईं, हमारे प्यारे भाई पन्नीरसेल्वम ने ईमानदारी से जिम्मेदारी संभाली।”

कौन हैं शशिकला?

– तमिलनाडु में तंजौर जिले के मन्नारगुडी गांव में जन्मीं शशिकला को बचपन में स्कूल जाने के बजाए फिल्में देखना ज्यादा पसंद था।
– माता-पिता ने एम. नटराजन के साथ उसकी शादी कर दी। नटराजन तब सीएम एमजी रामचंद्रन (एमजीआर) की करीबी माने जाने वाली आईएएस और कुड्‌डालोर की डिप्टी कमिश्नर वीएस चंद्रलेखा के पीआरओ थे।

वीडियो पार्लर चलाती थीं
– 80 के दशक की शुरुआत में शशिकला ने वीडियो पार्लर खोला। वे शादियों में वीडियो रिकॉर्डिंग करती थीं। इसी दौरान एमजीआर जयललिता को सियासत के मैदान में बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी कर रहे थे।
– शशिकला जयललिता का वीडियो बनाना चाहती थीं। मुलाकात के लिए उन्होंने पति की बॉस चंद्रलेखा का इस्तेमाल किया।
– शूटिंग के दौरान शशिकला जयललिता की हर छोटी-बड़ी बात का ध्यान रखती थीं। धीरे-धीरे जयललिता का शशिकला पर विश्वास बढ़ने लगा।

चुनावी फंड संभालने लगीं
– 1991 के विधानसभा चुनाव के दौरान फंड जमा करने से लेकर प्रचार तक का काम शशिकला ने संभाला। वे हर रैली में जयललिता के साथ नजर आती थीं।
– चुनाव में जयललिता की भारी जीत हुई। इसके बाद शशिकला अपने पति, दो भतीजों भास्करन, सुधाकरन और 5 अन्य रिश्तेदारों के साथ जयललिता के घर पोएस गार्डन में ही रहने लगी।
– इसके बाद तो बिना शशिकला के परमिशन के कोई जयललिता से मिल नहीं सकता था।

शशिकला के भतीजे की शादी पर जया ने खर्च किए थे 100 करोड़
– जानकारों का ये भी कहना है कि शशिकला के प्रभाव के चलते ही जयललिता ने सुधाकरन को दत्तक पुत्र बनाया।
– 1995 में सुधाकरन की शादी पर जयललिता ने 100 करोड़ रु. खर्च किए।

Courtesy: Bhaskar.com

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