मोदी सरकार ने माना, देश में बढ़ रही बेरोजगारी की दर, आंकड़ों ने बता दी हकीकत!

मोदी सरकार ने माना, देश में बढ़ रही बेरोजगारी की दर, आंकड़ों ने बता दी हकीकत!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही दावा करें कि उनकी सरकार ने रोजगार के अवसर पैदा किए हैं, लेकिन हकीकत कुछ और तस्वीर पेश कर रही है. केंद्र सरकार ने आज राज्यसभा में स्वीकार किया कि देश में बेरोजगारी दर में इजाफा हो रहा है, खासकर पिछड़े वर्ग में. प्रश्नकाल के दौरान एक सवाल के जवाब में योजना राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि कुल मिलाकर बेरोजगारी दर में इजाफा हुआ है, लेकिन यह दर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए अधिक है.

इंद्रजीत सिंह ने राज्यसभा में पूरक सवालों के जवाब में यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच सूचकांकों में अंतर का मुख्य कारण गरीबी, निरक्षरता, मजदूरी श्रम पर निर्भरता आदि हैं और सरकार विभिन्न सामाजिक, आर्थिक विकास कार्यक्रमों के माध्यम से इनका समाधान कर रही है.

मंत्री ने कहा कि कुल बेरोजगारी दर पांच फीसदी है, जबकि यह ओबीसी के लिए 5.2 फीसदी है. साल 2013 में बेरोजगारी दर 4.9 फीसदी, 2012 में 4.7 फीसदी तथा 2011 में 3.8 फीसदी थी. वहीं, अनुसूचित जाति में यह दर साल 2011 में 3.1 फीसदी थी, जो अब बढ़कर पांच फीसदी हो गई है.

जनगणना के आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा उन्होंने कहा कि अनुसूचित जातियों के बीच साक्षरता की दर 66.07 प्रतिशत है जबकि अनुसूचित जनजातियों के बीच 58.96 प्रतिशत है जबकि कुल दर 74 प्रतिशत है.

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