देश को 200 से ज्यादा जवान देने वाला यह गांव भाजपाइयों के देशद्रोह के कारण हुआ शर्मिंदा

आईएसआई जासूसी रैकेट में एक के बाद एक खुलासे होते जा रहे हैं। इस जासूसी रैकेट में एटीएस ने पाया है कि जो भी लोग गिरफ्तार हो रहे हैं उनके तालुक्कात बीजेपी नेटवर्क से है। बीजेपी युवा मोर्चा के आईटी सेल के सदस्य ध्रुव सक्सेना के बाद अब भोपाल के सतना से गिरफ्तार एजेंट बलराम का नाम भी बीजेपी और बजरंग दल से जुड़ रहा है। जासूस बलराम सतना से 25 किलोमीटर दूर थाना क्षेत्र सुहास गांव में रहा रहा था। बताया जा रहा है कि बलराम का परिवार खेतिहार किसान है। बलराम के परिवारवालों को नहीं पता था कि उनका बेटा देशविरोधी गतिविधियों में शामिल है। परिजनों ने बताया कि बलराम 6 साल पहले काम की तलाश में विदेश गया था उसके बाद वहां से आकर वो परिवार से अलग रहने लगा। जानकारी में पता चला है कि बलराम का पूरा नाम बलराम सिंह दिखित है और वो मूलरुप से जाबर पुर बांदा का रहने बाला है।

बलराम के मां-बाप 40  साल से सतना जिले के सुहास गांव में रह रहे हैं। दो भाई, एक बहन में बलराम सबसे बड़ा है। परिजनों और ग्रामीणों ने बताया कि बलराम 10वीं पास है और वह सेना में नौकरी करना चाहता था। लेकिन वह फिजिकल पास कर लेने के बाद लिखित परीक्षा पास नहीं कर पाया। जब बलराम की सेना में नौकरी नहीं लगी तो वह दुबई नौकरी करने चला गया। परिजनों ने बताया कि बलराम सुहास गांव में कम रहता था अक्सर वह रिश्तेदारी और सतना में रहता था। परिजनों के मुताबिक, उन्हें भी तब पता चला जब पुलिस ने एक पत्र देकर सूचना दी कि आपका बेटा जासूसी मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। बलराम के भाई और पिता इस गिरफ्तारी से दहशत में हैं। वहीं परिजन बलराम के काम से अपने को अलग कर रहे हैं। बता दें कि एटीएस की गिरफ्तारी के बाद अब इस गांव में सनसनी फैल गई है। गांव का कोई भी शख्स विश्वास नहीं कर पा रहा है कि इस गांव का एक लड़का पाकिस्तान के लिए जासूसी करता है। गांव के सरपंच की माने तो सुहास गांव जिले का दूसरा सैन्य बाहुल्य गांव है। यहां के 200 से ज्यादा लोग सेना में भर्ती हैं और वह सरहद पर देश की रक्षा करते हैं, लेकिन बलराम की इस हरकत के बाद पूरा गांव शर्मिंदगी महसूस कर रहा है।

Courtesy:Jansatta 

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