पीएम नरेंद्र मोदी को गोद नहीं ले सके यूपी के योगी, जानें क्या आई अड़चन

पीएम नरेंद्र मोदी को गोद नहीं ले सके यूपी के योगी, जानें क्या आई अड़चन

गाजियाबाद  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गोद लेने की प्रक्रिया में नया कानूनी पेंच फंस गया है। उप निबंधक तृतीय ने दंपती के दाखिल गोदनामे पर आपत्ति दर्ज कराते इसे एकपक्षीय बताया है। लिखित आपत्ति में गोद लिए जाने वाले की मां की सहमति शामिल नहीं होने का हवाला दिया है।

उधर, दंपती ने भी कानूनी लड़ाई का ऐलान कर आपत्ति का जवाब देने की बात कही है। साथ ही सहमति के लिए पीएमओ को पत्र भेजने की तैयारी शुरू कर दी।

कानूनी प्रक्रिया पूरी करने तहसील पहुंचे योगेंद्र पाल योगी पत्नी अतरकली, बेटा प्रदीप योगी के अलावा गवाह के तौर पर हिमांशु लव और उनके बड़े भाई राकेश लव के साथ रजिस्ट्रार ऑफिस पहुंचे। यहां उप निबंधक तृतीय मुकेश कुमार सागर ने गोदनामे को एकपक्षीय बताते हएु आपत्ति की।

योगेंद्र पाल परिवार को दी गई लिखित आपत्ति में गोद लिए जाने वाले व्यक्ति यानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां की सहमति शामिल नहीं है। योगेंद्र पाल ने कहा कि आपत्ति का जवाब देकर कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। सहमति के लिए गोदनामे की प्रति प्रधानमंत्री कार्यालय को भी भेजी जाएगी।

पारिवारिक सहमति से लिया निर्णय

योगी की पत्नी 75 वर्षीया अतरकली व पुत्र प्रदीप योगी ने कहा कि परिवार ने सभी की सहमति से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गोद लेने का निर्णय लिया है। गवाह के तौर पर मौजूद रहे हिमांशु लव ने कहा कि आगे की औपचारिकताएं कानून के दायरे में रहकर पूरी की जाएंगी।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गोद लेने का मामला कई दिनों से मीडिया की सुर्खियों में छाया हुआ है। इसे लेकर कई दिनों से माहौल गरमाया हुआ है।

Courtesy: Jagran.com

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