उत्तर प्रदेश चुनाव: मायावती ने अमित शाह को बताया ‘कसाब’, कहा- भाजपा की हालत बिहार से भी ज़्यादा ख़राब होगी

उत्तर प्रदेश चुनाव: मायावती ने अमित शाह को बताया ‘कसाब’, कहा- भाजपा की हालत बिहार से भी ज़्यादा ख़राब होगी

बसपा सुप्रीमो मायावती ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के विवादास्पद बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए गुरुवार (23 फरवरी) को कहा कि शाह से बड़ा ‘कसाब’ नहीं हो सकता। अमित शाह ने बुधवार (22 फरवरी) को ही ‘कसाब’ शब्द का इस्तेमाल अपने भाषण में करते हुए कहा था कि ‘क’ से कांग्रेस, ‘स’ से सपा और ‘ब’ से बसपा। इसके जवाब में मायावती ने शाह की तुलना कसाब से कर दी। उन्होंने यहां एक चुनावी सभा में कहा, ‘आज अपने देश में अमित शाह से बड़ा कोई भी कसाब नहीं हो सकता है अर्थात आतंकी नहीं हो सकता है।’’ मायावती ने कहा कि अमित शाह ने बुधवार (22 फरवरी) को ‘कसाब’ वाली बात कहकर साबित कर दिया है कि भाजपा नेता की सोच कितनी घटिया है। दरअसल अजमल कसाब मुंबई आतंकवादी हमले का दोषी था, जिसे बाद में भारत में ही फांसी दे दी गयी थी। मुंबई आतंकी हमले में शामिल पाकिस्तानी नागरिक कसाब के सभी साथी मार दिये गये थे लेकिन अकेला कसाब ही जिन्दा बचा था।

मायावती ने गुरुवार को ही बहराइच की चुनावी सभा में कहा, ‘उत्तर प्रदेश में सपा के लगभग पांच साल और केन्द्र में भाजपा के पौने तीन वर्ष के कार्यकाल के दौरान दोनों ही सरकारों की गलत नीतियों और कार्यकलापों के कारण प्रदेश की 22 करोड़ जनता नाराज और आक्रोशित है।’ उन्होंने कहा कि भाजपा अपने किसी भी चेहरे को प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में पेश करने की अभी तक हिम्मत नहीं जुटा पायी है। सपा के मुख्यमंत्री पद का चेहरा अपनी सरकार में शुरू से ही कानून व्यवस्था व अपराध नियंत्रण के मामले में जबर्दस्त दागी चेहरा रहा है। मायावती ने कहा कि जिस सपा को अराजक, आपराधिक, सांप्रदायिक, भ्रष्टाचारी और जंगलराज आदि का खास प्रतीक माना जाता है, उसके साथ कांग्रेस भी गठबंधन में चुनाव लड़ रही है। ऐसी स्थिति में अब यहां प्रदेश की आम जनता को तय करना है कि क्या वह सपा कांग्रेस गठबंधन के दागी चेहरे को वोट देंगे या इसके स्थान पर इन सभी तत्वों का सफाया कर हर स्तर पर कानून का राज करने वाली बसपा के ‘बेदागी’ चेहरे को अपना वोट देंगे। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में हत्या, अपहरण, महिलाओं पर अत्याचार और उत्पीड़न, गुंडाराज, जमीन पर कब्जे, सांप्रदायिकता, दंगे, तनाव आदि की घटनाएं चरम पर हैं। इस सरकार के चलते प्रदेश में घोर असुरक्षा और आतंक का माहौल हावी है। विकास के कार्य भी आधे अधूरे किये जाते रहे हैं।

उत्तर प्रदेश चुनावों को जातीय-सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं मोदी: मायावती

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ‘मिस्टर नेगेटिव दलित मैन’ की संज्ञा देने के एक दिन बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने मंगलवार (21 फरवरी) को मोदी और भाजपा पर आरोप मढा कि वे उत्तर प्रदेश के चुनावों को जातीय एवं सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। मायावती ने यहां एक बयान में कहा, ‘दो दिन से भाजपा और प्रधानमंत्री सहित उसके शीर्ष नेता गलत बयानबाजी कर रहे हैं। चुनाव के शुरुआती तीन चरणों में खराब प्रदर्शन का अहसास होने के बाद ऐसा किया जा रहा है।’ मायावती ने मोदी की फतेहपुर रैली का हवाला दिया, जिसमें मोदी ने कहा था कि हर गांव में एक कब्रिस्तान और एक श्मशान होना चाहिए। राज्य को अगर रमजान पर बिजली मिले तो दीवाली में भी मिले, ईद पर बिजली मिले तो होली पर भी मिले।

बसपा सुप्रीमो कहती हैं कि चुनाव को जातीय एवं सांप्रदायिक रंग देने के मकसद से ऐसी बयानबाजी की जा रही है। मायावती ने कहा कि मोदी चुनावों को सांप्रदायिक एवं जातीय रंग देना चाहते हैं। ऐसी कोई भी बात कहने से पहले मोदी को हरियाणा और मध्य प्रदेश जैसे भाजपा शासित राज्यों में देखना चाहिए कि क्या वहां हर गांव में ऐसी सुविधा है। उन्होंने कहा कि पहले मोदी को भाजपा शासित राज्यों के हर गांव में श्मशान भूमि देनी चाहिए और उसके बाद मोदी उत्तर प्रदेश की बात करें। इस तरह की गलत बयानबाजी साबित करती है कि वह झूठ की राजनीति करने पर आमादा हैं। ‘भाजपा ने राजनीति का स्तर गिराया है, जो लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है।’

मायावती ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह कथन गलत है कि भाजपा जाति एवं संप्रदाय की राजनीति नहीं करती। ‘भाजपा ने उत्तर प्रदेश में एक भी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया जबकि राज्य में मुस्लिम आबादी 18 से 20 फीसदी है।’ उन्होंने कहा कि दूसरी ओर बसपा ने टिकट बंटवारे में बिना किसी भेदभाव के हर जाति एवं धर्म के लोगों को प्रतिनिधित्व दिया है। मायावती ने दावा किया कि चुनाव में बसपा को पूर्ण बहुमत मिलेगा। भाजपा तथा सपा-बसपा गठबंधन दूसरे और तीसरे नंबर के लिए लड़ रहे हैं।

COurtesy:Jansatta 

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